• Shaurya Chakra Award: 97 नक्सलियों के इनकाउंटर करने वाले छत्तीसगढ़ के इंस्पेक्टर लक्ष्मण केंवट और रामेश्वर देशमुख को मिला शौर्य चक्र

    Shaurya Chakra Award: छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए आज का दिन सीना चौड़ा करने का रहा। राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह-1 में छत्तीसगढ़ के पुलिस इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट और रामेश्वर प्रसाद देशमुख को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने पीएम मोदी की उपस्थिति में देश के बहादुर सैनिकों और सुरक्षाबलों के जवानों को उनकी अद्वितीय वीरता और राष्ट्रसेवा के लिए सम्मानित किया गया। 

    नई दिल्ली, 8 जून 2026। राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह-1 में वीरता पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट और इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। दोनों अधिकारियों ने 16 अप्रैल 2024 को एक बड़े एंटी-नक्सल अभियान का नेतृत्व किया था। अभियान के दौरान नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया, जिससे लगभग 200 जवानों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में दोनों अधिकारियों ने तुरंत रणनीति बनाते हुए तीन घंटे से अधिक समय तक चली भीषण मुठभेड़ का नेतृत्व किया।

    इस दौरान चार जवान घायल हो गए, लेकिन उन्होंने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए घायल साथियों को सुरक्षित बाहर निकाला। अभियान में कई नक्सली मारे गए और इस कार्रवाई को छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े तथा सफल एंटी-नक्सल अभियानों में से एक माना जाता है। लक्ष्मण केंवट कांस्टेबल के रूप में पुलिस महकमे को ज्वाइन किए थे। अच्छे परफॉर्मेंस के आधार पर उनका वन टाइम प्रमोशन के द्वारा कांस्टेबल सीधे  सब इंस्पेक्टर बनाए गए थे। उन्होंने नक्सल ऑपरेशन में बहुत अदम्य साहस का परिचय दिया और बस्तर और राजनांदगांव में ताबड़तोड़ नक्सलियों का इनकाउंटर किया। 97 नक्सलियों के इनकाउंटर का रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज है।

    डीजीपी ने दी फोन पर बधाई

    इस गौरवशाली अवसर पर छत्तीसगढ़ के डीजीपी अरुणदेव गौतम ने इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवल से टेलीफोन पर बात कर बधाई दी और कहा कि आप लोगों ने छत्तीसगढ़ पुलिस का नाम रोशन किया है।

    इन्हें भी मिला शौर्य चक्र सम्मान
     मेजर आदित्य प्रताप सिंह (राजपूताना राइफल्स/44 असम राइफल्स)

    ● अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र में घुसपैठ और बड़े हमले की सूचना पर ऑपरेशन शुरू किया।
    72 घंटे तक लगातार निगरानी कर उग्रवादियों का पता लगाया।
    ● महज 30 मीटर की दूरी से हुई भीषण गोलीबारी के बीच अकेले मोर्चा संभाला।
    ● अपनी जान की परवाह किए बिना मोस्ट वांटेड उग्रवादी को मार गिराया।
    ● अदम्य साहस और राष्ट्र सेवा के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित।

    मेजर आशीष कुमार (पैरा रेजिमेंट)

    ● 2 नवंबर 2020 को आतंकियों के संभावित मार्ग पर निगरानी के दौरान दो सशस्त्र आतंकियों की पहचान की।
    ● भारी गोलीबारी के बावजूद दोनों आतंकवादियों को ढेर किया।
    ● मारे गए आतंकियों में एक A++ श्रेणी का कुख्यात आतंकी भी शामिल था।
    ● असाधारण वीरता और नेतृत्व के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित।
    सिपाही जीडी संजय तिवारी और सिपाही फिदा हुसैन डार (CRPF)

    ● 2 नवंबर 2024 को श्रीनगर के खनियार इलाके में विदेशी आतंकी के छिपे होने की सूचना पर कार्रवाई।
    दोनों जवानों ने बिना देर किए मकान को घेर लिया।
    ● आतंकी की गोलीबारी और ग्रेनेड हमले में घायल होने के बावजूद ऑपरेशन जारी रखा। 

    ● नजदीकी मुकाबले में विदेशी आतंकी को मार गिराया।

     ● असाधारण वीरता के लिए सिपाही जीडी संजय तिवारी को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।