• वेदांता पावर प्लांट हादसे में मृतकों की संख्या हुई 19, घटना के 24 घंटे बाद भी सही जानकारी नहीं मिलने से लापता मजदूरों के परिजनों में आक्रोश

    वेदांता पावर प्लांट हादसे में मरने वालों की संख्या अब 19 हो गई है. हादसे में परिजनों को खोने वाले लोगों की भीड़ अस्पतालों में बढ़ने लगी है. रायगढ़ के मेडिकल कॉलेज में शव रखे गए हैं. लापता मजदूरों के परिजन घटना के 24 घंटे बाद भी सही जानकारी नहीं मिलने से आक्रोशित है.
    सक्ती/रायगढ़/रायपुर, 15 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता प्लांट हादसे में अब मरने वालों की संख्या 16 से बढ़कर 19 हो गई है. एक साथ 19 मजदूरों की मौत से अस्पतालों में शवों का अंबार लगा हुआ है. अपने परिजनों को खोने वाले लोगों की भारी भीड़ अस्पतालों में जुटने से प्रशासन के हाथ-पांव फुल जाने से इनको समय पर सौंपने में भी समय लग रहा है. मृतक और घायलों के परिजन लगातार प्लांट प्रबंधन के खिलाफ अपना गुस्सा प्रकट कर रहे हैं.

    हादसे के बाद वेदांता पावर प्लांट प्रबंधन की ओर से मुआवजे का ऐलान किया गया है. मृतक के परिजनों को 35 लाख का मुआवजा दिया जाएगा. हादसे में जो मजदूर घायल हुए हैं, उनको 15 लाख का मुआवजा मिलेगा. वेदांता पावर प्लांट की ओर से कहा गया है कि घायल मजदूरों के इलाज का खर्च प्लांट प्रबंधन उठाएगा. प्रबंधन ने मृतक के परिजनों को आश्वासन दिया है कि वो हर एक परिवार से 1 सदस्य को नौकरी भी देगा.

    सक्ती जिले के वेदांता प्लांट में हुए भीषण हादसे के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं. रायगढ़ के मेडिकल कॉलेज में शव रखे गए हैं, जबकि मेडिकल कॉलेज से 11 और जिला अस्पताल में अब तक 5 शव लाए जा चुके हैं. शवों को लाने का सिलसिला लगातार जारी है, मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है.

    मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मृतकों के परिजनों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. अपने प्रियजनों की एक झलक पाने के लिए लोग घंटों से इंतजार कर रहे हैं. अस्पताल परिसर के बाहर एंबुलेंस की लंबी कतार लगी हुई है. प्रशासन द्वारा एक-एक शव का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है. घटना की गंभीरता को देखते हुए रायगढ़ जिले की पुलिस के साथ-साथ सक्ती जिले की पुलिस भी मौके पर तैनात है. सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे.

    मृतकों के नाम इस प्रकार हैं:

    1. रितेश कुमार राय (सोनबरसा, भागलपुर, बिहार)
    2. अमृत लाल पटेल (मांझापारा, टुंड्री)
    3. ठंडाराम लहरे (जमगहन, मालखरौदा)
    4. तरूण कुमार ओझा (रोहराबंध, धनबाद, झारखंड)
    5. आकिब खान (पैथन, दरभंगा, बिहार)
    6. सुसंता जना (पश्चिम बंगाल)
    7. अब्दुल करीम (बोका, झारखंड)
    8. उद्धव सिंह यादव (खरसिया)
    9. शेख सईफउद्दीन (पश्चिम बंगाल)
    10. पप्पू कुमार (उत्तर प्रदेश)
    11. अशोक पहरे (पलामू, झारखंड)
    12. मानस गिरी (पश्चिम बंगाल)
    13. बृजेश कुमार (उत्तर प्रदेश)
    14. रामेश्वर महिलाने (जांजगीर-चांपा)
    15. कार्तिक महतो (पश्चिम बंगाल)
    16. नदीम अंसारी (फगुरम)
    17. शिवनाथ मुर्मू
    18. चिंतरंजन डलोई (मेदिनीपुर)
    19. दीपांकर सिंह (मेदिनीपुर, बोरोबाई)