'लालू परिवार के यहां ऊपर से नहीं बरसी 43 बीघा जमीन, चलाएं बुलडोजर,' सम्राट से जदयू की मांग
अतिक्रमण के खिलाफ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान का समर्थन करते हुए जदयू ने सीधे तौर पर लालू परिवार को निशाना बनाया है. जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि पटना में लालू परिवार की 43 दीघा जमीन ऊपर से नहीं टपकी है. उस पर बुलडोजर चलाया जाना चाहिए.
पटना, 27 अप्रैल 2026. बिहार में बुलडोजर एक्शन को लेकर सीएम सम्राट चौधरी के बयान ने अब नई चर्चा छेड़ दी है. जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोई भी नेता अतिक्रमण के लिए इस अभियान से नहीं बचना चाहिए. उन्होंने कहा पटना में लालू यादव परिवार के पास मौजूद 43 बीघा जमीन कोई आसमान से नहीं बरसी है, बल्कि यह रसूख और गिफ्ट के नाम पर खड़ा किया गया साम्राज्य है जिसे अब ढहाया जाना चाहिए.
बिहार में अब अतिक्रमण के दिन गए
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को अपने विधानसभा क्षेत्र तारापुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि सरकारी जमीन पर अगर किसी का कब्जा होगा, तो वह खाली होगा. उन्होंने बताया कि जब उनके अपने घर की सीढी सरकारी जमीन पर आई, तो प्रशासन ने उसे तोड़वा दिया.
सम्राट चौधरी के इस बयान की तारीफ करते हुए जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, "मुख्यमंत्री ने खुद उदाहरण पेश कर बता दिया है कि अब बिहार में अतिक्रमण और अवैध कब्जों के दिन लद चुके हैं. जब उनकी अपनी सीढी आड़े नहीं आई, तो फिर बिहार में कौन ऐसा माई का लाल पैदा हुआ है जो विकास की राह में अतिक्रमण करेगा? विकास के राह में जो भी आएगा, उसका घर जाएगा. हम मांग करते हैं कि इसकी शुरुआत राजनेताओं से हो."
आसमान से नहीं बरसी 43 बीघा जमीन
नीरज कुमार ने लालू परिवार की संपत्तियों पर सीधा हमला बोलते हुए सवाल उठाया कि आखिर पटना जैसे शहर में उनके परिवार के पास 43 बीघा जमीन कहां से आई? उन्होंने कहा,' पटना में हमें तो एक कट्ठा जमीन नसीब नहीं है, फिर नेताजी ( लालू यादव) के पास 43 बीघा जमीन कैसे आ गई? क्या यह जमीन ऊपर से बरस गई थी? नेताजी गिफ्ट ले रहे हैं, दान ले रहे हैं और संपत्ति की विरासत खड़ी कर रहे हैं. यह सब धन बल का खेल है, लेकिन अब रसूख के दम पर आवाज दबाने का दौर खत्म हो गया है.'
जब्त जमीन पर बने अनाथालय और छात्रावास
नीरज कुमार ने कहा कि विकास की राह में रोड़ा बनने वाले किसी भी रसूखदार को बख्शा नहीं जाना चाहिए. उन्होंने मांग की कि लालू यादव परिवार की इस जमीन को तोड़वाकर वहां सामाजिक कल्याण केंद्र बनाए जाएं. नीरज कुमार ने कहा, "जमीन खाली कराकर वहां अनाथालय, अति पिछड़ा छात्रावास और अल्पसंख्यक कल्याण छात्रावास बनाया जाना चाहिए. बिहार में जनसंख्या घनत्व अधिक है और बेटियों के कन्यादान के लिए विवाह मंडप बनाने को जमीन नहीं मिल रही है क्योंकि संपन्न लोगों ने जमीन कब्जा कर रखी है. ऐसे में राजनेताओं पर ही पहले एक्शन होना चाहिए."