अभिनेत्री तृषा पर तमिलनाडु में क्यों मचा हंगामा..
तमिलनाडु पुलिस ने विपक्ष के नेता उदय निधि स्टालिन से तंजावुर के चैंगीपट्टी पुलिस स्टेशन में पूछताछ करने के बाद देर शाम जमानत दे दी. उदय निधि स्टालिन सुबह हिरासत में लिए गए और शाम को मिल गई जमानत, दिन भर क्या-क्या हुआ? समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट:-
चेन्नई, 5 अगस्त 2026. मंगलवार की दोपहर डीएमके नेता और राज्य के नेता प्रतिपक्ष उदय निधि स्टालिन को मद्रास हाई कोर्ट ने पूछताछ होने के बाद पुलिस स्टेशन से ही रिहा करने का आदेश दे दिया. सोमवार को उदय निधि ने अपनी तंजावुर रैली के दौरान मुख्यमंत्री विजय और एक तमिल अभिनेत्री तृषा के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी की थी. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम ( टीवीके ) ने इस मामले में पुलिस और राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी.
चेन्नई दक्षिण के अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर नरेंद्रन नायर ने पुष्टि की थी कि उदय निधि स्टालिन के एफआईआर दर्ज की गई है. तंजावुर पुलिस ने उनके खिलाफ 9 धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिनमें महिला गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली बात कहना, दंगे भड़काना, सार्वजनिक शांति भंग करना एवं अश्लील बातें करना शामिल है. बाद में मंगलवार को चेन्नई स्थित उनके आवास से पुलिस ने उन्हें अपने साथ तंजावुर लेकर गई थी.
किसी और थाने क्यों ले गई पुलिस?
पुलिस स्टेशन परिसर और उसके आसपास के इलाकों में डीएमके समर्थकों की भारी भीड़ जमा होने से तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई. सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था. काफी समय तक चली पूछताछ के बाद उदय निधि मंगलवार रात करीब 8:15 बजे पुलिस स्टेशन से बाहर आए. वह अपनी कार से उतरे और वहां मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ का हाथ हिलाकर अभिवादन किया. दरअसल, उदय निधि के खिलाफ मामला तंजावुर दक्षिण पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया, लेकिन उन्हें चेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन ले जाया गया.
इससे पहले, डीएमके सदस्यों ने चेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन के सामने पुलिस कर्मियों के साथ बहस की थी. डीएमके सदस्य सवाल उठा रहे हैं कि जब मामला तंजावुर में दर्ज किया गया तो उन्हें चेंगापट्टी पुलिस स्टेशन क्यों ले जाया गया. डीएमके के वकील सरवनन ने मीडिया को बताया कि पुलिस उदय निधि को परेशान कर रही है. उन्होंने कहा "जब मैं पुलिस से पूछा कि वे उन्हें चेंगापट्टी पुलिस स्टेशन क्यों लाए हैं, तो पुलिस ने कहा कि तंजावुर में डीएमके सदस्यों की भारी भीड़ थी."
विपक्षी नेता उदय निधि, जिन्हें चेंगापट्टी पुलिस स्टेशन लाया गया था, काफी देर तक पुलिस वाहन के अंदर ही बैठे रहे और बाहर नहीं निकले. वकील सरवनन ने कहा, " विपक्षी नेता कह रहे हैं कि वह तभी नीचे आएंगे जब उन्हें अदालत द्वारा दिए गए निर्देशानुसार पुलिस स्टेशन ले जाया जाएगा."
मद्रास हाई कोर्ट में क्या-क्या हुआ?
मंगलवार को दिन में उदय निधि की मद्रास हाई कोर्ट में दायर अग्रिम जमानत याचिका पर दोपहर 2:15 बजे जस्टिस इलंधिरयन के समक्ष सुनवाई हुई. उस समय सरकारी वकील विजय नारायण ने कहा, "उदय निधि स्टालिन को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें तंजावुर ले जाया जा रहा है. उन्हें हिरासत में रखने का कोई इरादा नहीं है."
"कल से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में उन्हें भाग लेने से रोकने के लिए इस कदर गिरफ्तार करना खुली कायरता है." डीएमके नेता टीआर बालू ने उदय निधि पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा, उदय निधि ने किसी विशेष महिला के बारे में कुछ भी नहीं कहा है और मीडिया में पूरी बात को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. हालांकि, उदय निधि को हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल जाने के बाद मंगलवार देर शाम रिहा कर दिया गया.
उदयनिधि ने तृषा को लेकर ऐसा क्या बोला कि हंगामा मच गया..
कावेरी मुद्दे पर रैली को संबोधित करते हुए उदयनिधि स्टालिन मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की आलोचना कर रहे थे। इसी दौरान भीड़ से "तृषा, तृषा" के नारे लगने लगे। वायरल वीडियो के अनुसार, उदयनिधि ने कहा, "कावेरी का एक बूंद पानी भी नहीं मिला। लेकिन क्या मुख्यमंत्री ने इस पर मुंह खोला? नहीं। उन्हें केवल द्रमुक के खिलाफ 'झूठे मामले' दर्ज कराने की चिंता है।" इसी दौरान नारेबाजी जारी रहने पर उन्होंने मुस्कुराते हुए एक डबल मीनिंग टिप्पणी की, जिसे कई लोगों ने अभिनेत्री तृषा और मुख्यमंत्री विजय के कथित संबंधों को लेकर सोशल मीडिया पर लंबे समय से चल रही अटकलों से जोड़कर देखा।