• मां की गोद से सड़क पर गिरा 4 महीने का मासूम, 700 मीटर तक चलते रहे, भनक नहीं लगी

    महाराष्ट्र के चंद्रपुर में बाइक पर सवार  मां की गोद से 4 महीने का मासूम गिर गया, लेकिन माता-पिता को इसकी भनक तक नहीं लगी और वह चलते रहे. हैरान करने वाली बात यह है कि 700 मी जाने के बाद बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई फिर भी उन्हें मासूम का याद नहीं आया. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की हृदयविदारक रिपोर्ट:-

    चंद्रपुर, 28 जून 2026. यहां के  भिसी पुलिस क्षेत्र में मानवता को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक वाकया सामने आई है. महज 4 महीने का एक मासूम, जिस मां की गोद में  सुरक्षित होना चाहिए था, माता-पिता की शराब के नशे और  लापरवाही के कारण चलते दोपहिया वाहन से सड़क पर गिर गया. हैरानी की बात यह रही कि नशे में धुत दंपति को करीब 700 मीटर तक इस बात का एहसास ही नहीं हुआ कि उनका बच्चा पीछे सड़क पर गिर चुका है. राहगीरों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मासूम की जान बच गई, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था.

    700 मीटर दूर जाने के बाद भी नहीं लगी  भनक

    यह घटना चंद्रपुर जिले के  भिसी बाईपास सड़क स्थित
    माउली ढाबा के समीप हुई. प्रदत्त जानकारी के मुताबिक, फूलचंद राउत और मीरा राउत अपने चार महीने के मासूम बेटे और ढाई वर्षीय बेटी के साथ 
    दोपहिया बहन पर सवार होकर कहीं जा रहे थे. बताया जा रहा है कि दोनों पति - पत्नी शराब के नशे में  धुत थे. इसी दौरान मां की गोद में बैठा 4 महीने का बच्चा अचानक सड़क पर गिर गया लेकिन नशे की हालत में होने के कारण दंपति को इसकी भनक तक नहीं लगी अरे वे  वाहन चलाते हुए  आगे निकल गए. करीब 700 मीटर आगे जाने के बाद उनकी बाइक भी अनियंत्रित होकर फिसल गई और पति-पत्नी एवं उनके ढाई वर्षीय बच्ची भी सड़क पर गिर पड़े. बावजूद इसके उन्हें यह एहसास नहीं हुआ कि उनका 4 महीने का मासूम पीछे सड़क पर गिर चुका है.

    राहगीरों ने बचाई बच्चे की जान

    इसी बीच राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजर रहे कुछ राहगीरों की नजर सड़क पर पड़े मासूम पर पड़ी और उन्होंने बिना देर किए इसकी सूचना पुलिस  को दे दी. सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मंगेश भोंगड़े, अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंची और सबसे पहले मासूम को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया. जहां समय पर उपचार मिलने से मासूम बच्चे की जान बच गई. चिकित्सकों के मुताबिक, बच्चों को केवल मामूली चोटें आई है और वह सुरक्षित है.

    शराब के नशे में थे माता-पिता और चला रहे थे बाइक

    शुरुआती जानकारी के मुताबिक, सड़क की खराब स्थिति और माता-पिता के अत्यधिक नशे में होने के कारण उन्हें यह तक पता नहीं चल सका कि उनका 4 महीने का मासूम बच्चा कब सड़क पर गिर गया. पुलिस की त्वरित कार्रवाई और राहगीरों की सजकता के कारण एक बड़ी दुर्घटना टल गई. यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि शराब पीकर वाहन चलाना केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि स्वयं के साथ-साथ  मासूम बच्चों और अन्य लोगों की जान को भी गंभीर खतरे में डालने वाली घोर लापरवाही है.