• भुवनेश्वर में ऐप आधारित कैब चालकों की हड़ताल: वाहनों में तोड़फोड़, पुलिस पर पथराव... 50 से अधिक प्रदर्शनकारी हिरासत में

    ओड़िशा की राजधानी भुवनेश्वर में ओला, उबर और रैपीडो चालकों की हड़ताल के दौरान पुलिस पर पथराव हुआ और  बसों में तोड़फोड़ हुई. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ के साथ भुवनेश्वर से संवाददाता  अभय बनर्जी की रिपोर्ट :-

    भुवनेश्वर, 21 अगस्त 2026. ओड़िशा की राजधानी भुवनेश्वर में ऐप - आधारित ऑनलाइन कैब और मोटरसाइकिल चालकों की हड़ताल उस समय हिंसक हो गई, जब प्रदर्शनकारियों ने पीएमजी रोड और हाईवे पर पुलिस कर्मियों से भिड़ गए और पथराव किया और 10 से अधिक 'आमा ' बसों में तोड़फोड़ की. ओला, उबर और रैपीडो ऑनलाइन टैक्सी चालकों के विरोध प्रदर्शन के कारण  राजधानी की मुख्य सड़कें लगभग जाम हो गई. विरोध प्रदर्शन के तीसरे दिन, ऑनलाइन ऑटो टैक्सी ड्राइवरों के कहने पर सभी ड्राइवर एक साथ विरोध करने के लिए सड़कों पर उतर गए.

    प्रदर्शनकारियों ने लोअर पीएमजी रोड और हाईवे पर सैकड़ों ऑटो खड़े कर दिए. इसी वजह से ट्रैफिक जाम हो गया. इस दौरान पुलिस ने समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने. बाद में हालात बेहद तनाव पूर्ण हो गए. खबर है कि  प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके. प्रदर्शनकारियों ने 10 से अधिक  'आमा बसों ' पर भी पत्थर फेंके और उन्हें तोड़ दिया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस फोर्स ने प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज भी किया. इसमें कई ड्राइवर घायल हो गए.

    सूत्र बताते हैं कि कैपिटल पुलिस स्टेशन के इंचार्ज राधाकांत साहू, होमगार्ड  त्रिलोक कुमार साहू और पांच से अधिक लोग हमले में घायल हो गए. विरोध प्रदर्शन की वजह से रेलवे स्टेशन से एयरपोर्ट जाने वाली सड़क जाम हो गई. ऐसे में स्टेशन और  एयरपोर्ट से लौट रहे यात्री परेशान हो गए. सड़क पर आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने कई गाड़ियों को क्रेन से हटाया. इस दौरान उन्होंने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया. इस बीच भुवनेश्वर के पुलिस उपायुक्त  जगमोहन मीणा ने  ऑनलाइन गाड़ी चलाने वालों के  हिंसक प्रदर्शन को लेकर चेतावनी दी है. डीसीपी मीणा ने कहा कि, ऑनलाइन गाड़ी चलाने वालों की मांगें जायज नहीं है.

    सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है. वह प्राइवेट कंपनियों से जुड़े हैं. उन्हें एक दिन के लिए प्रदर्शन करने की इजाजत दी गई थी. उन्होंने कहा कि, प्रदर्शनकारियों ने जानबूझकर परेशानी खड़ी की है. आखिर में, प्रदर्शनकारियों को जबरन सड़क से हटा दिया गया है. तोड़फोड़ करने वालों पर एक्शन लिया गया है. उन्होंने कहा कि, 50 से अधिक लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है. डीसीपी ने कहा कि आरोपी प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया जाएगा.

    दरअसल, विभिन्न ऑनलाइन मंचों पर पंजीकृत कैब चालकों ने 17 अगस्त से ही काम बंद करके विरोध प्रदर्शन शुरू किया था. कैब चालक किराया बढ़ाने, 'एप्लीकेशन फीस' कम करने, सामाजिक सुरक्षा और अन्य लाभ जैसी 7 सूत्रीय मांगों को लेकर ओड़िशा की राजधानी भुवनेश्वर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.