• असम में बाढ़ से त्राहिमाम : 14 और मौतों के साथ मृतकों की संख्या 61 पहुंची, 8 लाख लोग प्रभावित

    असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है. पिछले 24 घंटों में 14 और लोगों की मौत हो जाने से मृतकों की संख्या 61 हो गई है. 9 जिलों के 7.05 लाख से अधिक लोग बाढ़ से  त्राहिमाम है. 363 राहत शिविरों में 1.15 लाख से अधिक विस्थापितों को ठहराया गया है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह विशेष रिपोर्ट :-

    गुवाहाटी, 25 जुलाई 2026. असम में बाढ़ की हालत शुक्रवार को भी गंभीर बनी रही. पिछले 24 घंटों में 14 और लोगों की मौत होने के बाद इस साल बाढ़ से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 61 हो गई है. वहीं राज्य के  9 जिलों में  7.05 लाख  से अधिक लोग अभी बाढ़ की मार झेल रहे हैं. यह जानकारी असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने शुक्रवार रात जारी अपने आधिकारिक बुलेटिन में दी.

    बीते 24 घंटे में किन जिलों में हुई मौतें?

    सूत्र बताते हैं कि पिछले 24 घंटे में बाढ़ की चपेट में आकर 14 लोगों की जान गई. चराइदेव, जिले में 7 लोग, जिनमें 2 महिलाएं शामिल हैं, की डूबने से मौत हो गई. जबकि शिवसागर जिले में एक महिला समेत  6 लोगों की मौत हुई है. इन नई मौतों के साथ इस वर्ष बाढ़ से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 61 हो गया है.

    कौन-कौन से जिले सबसे अधिक प्रभावित?
    राज्य के चराइदेव, धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, होजाई, जोरहाट, कार्बीआंगलोंग, नौगांव और शिवसागर जिले बाढ़ से प्रभावित हैं. कुल 7 लाख 5 हजार से अधिक लोग इस आपदा का सामना कर रहे हैं. सबसे अधिक शिवसागर जिला है, जहां करीब  3.5 लाख लोग  प्रभावित हैं. इसके बाद चराइदेव में लगभग 1.9 लाख और जोरहाट में 1.3 लाख लोग बाढ़ की चपेट में है. गुरुवार को राज्य के  11 जिलों में 7.21 लाख लोग प्रभावित थे.

    राहत और बचाव अभियान कैसे चलाया जा रहा है?
    प्राप्त जानकारी के मुताबिक, प्रशासन ने 7 जिलों में 363  राहत शिविर और  राहत वितरण केंद्र संचालित किए हैं. इन शिविरों में  1 लाख 15 हजार 205 विस्थापितों को आश्रय और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है. सेना, आपदा बल मोचन, राज्य आपदा बल, अग्निशमन एवं आपात सेवा, पुलिस और अन्य नागरिक एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर जोरहाट और शिवसागर सहित  विभिन्न इलाकों से लगभग 1 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला.

    बाढ़ से गांवों, खेती और सुविधाओं का कितना हुआ नुकसान?

    राज्य में इस समय 856 गांव अभी भी पानी में  डूबे हुए हैं. बाढ़ के कारण 56 लाख  606 हजार 78 हेक्टेयर कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचा है. इसके अलावा कई जिलों में तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे भी बाढ़ के पानी से क्षतिग्रस्त हो गए हैं. बाढ़ के कारण राज्य में 3 लाख 34  हजार 20 पालतू पशु और पोल्ट्री भी प्रभावित हुए हैं. इससे ग्रामीण इलाकों में आजीविका और पशुपालन पर भी गहरा असर पड़ा है.

    कौन-कौन सी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है?
    डिख़ौ नदी शिवसागर में, धनसिरी नदी नंगलामुराघाट और नुमालीगढ़  में यह बम कुशियारा नदी श्री भूमि में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. इन नदियों का बढ़ता जलस्तर  कई इलाकों में बाढ़ की हालात को और गंभीर बना दिया है.