किडनैपर्स की चुंगल से बचीं पद्मश्री फूलबासन बाई, चार लोगों ने घर से उठाया, ट्रैफिक पुलिस ने बचाया
Padma Shri Phoolbasan Yadav Kidnapping: राजनांदगांव में पद्मश्री से सम्मानित समाजसेविका फूलबासन बाई यादव के अपहरण की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है. चार लोगों ने उन्हें जबरदस्ती कार में बैठाकर ले जाने का प्रयास किया, लेकिन ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता से वे सुरक्षित बच गईं.
राजनांदगांव, 5 मई 2026। छत्तीसगढ़ से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. राजनांदगांव जिले की प्रसिद्ध समाजसेविका और पद्मश्री सम्मान से सम्मानित फूलबासन बाई यादव के साथ अपहरण की कोशिश की गई. बताया जा रहा है कि चार लोगों ने उन्हें जबरदस्ती कार में बैठाकर ले जाने की कोशिश की, लेकिन ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता से उनकी जान बच गई. इस घटना के बाद कांग्रेस ने प्रदेश के गृहमंत्री का इस्तीफा मांगा है.
सुबह घर से उठाकर ले जाने की कोशिश
यह पूरी घटना राजनांदगांव जिले के सुकुलदैहान चौकी क्षेत्र की है. सुकुलदैहान में रहने वाली फूलबासन बाई यादव अपने घर पर मौजूद थीं, तभी बेमेतरा जिले से आए चार लोग उनके घर पहुंचे. इनमें दो महिलाएं और दो पुरुष शामिल थे, जो पहले से उनके परिचित बताए जा रहे हैं.
बातचीत के बहाने कार तक ले गए
आरोप है कि चारों लोगों ने पहले फूलबासन बाई यादव से सामान्य बातचीत की. इसके बाद किसी दिव्यांग व्यक्ति से मुलाकात और फोटो लेने का बहाना बनाकर उन्हें कार में बैठने के लिए कहा गया. जैसे ही वे कार के पास पहुंचीं, उन्हें जबरदस्ती गाड़ी में बैठा लिया गया.
मुंह में कपड़ा बांधकर अपहरण का प्रयास
जानकारी के मुताबिक, कार में बैठाने के बाद फूलबासन बाई यादव के हाथ-पैर पकड़ लिए गए और उनके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया, ताकि वे शोर न मचा सकें. इसके बाद आरोपी उन्हें जबरदस्ती लेकर निकल गए.
ट्रैफिक पुलिस ने दिखाई सतर्कता
इसी दौरान शहर के चिखली चौकी के पास ट्रैफिक पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था. जैसे ही कार चेकिंग के दौरान वहां से गुजरी, फूलबासन बाई यादव ने ट्रैफिक पुलिस को देख हाथ हिलाकर इशारा किया और मदद की आवाज दी. फूलबासन बाई यादव की आवाज एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने सुन ली. शक होने पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और वाहन को रुकवाया. जब गाड़ी की तलाशी ली गई, तो अपहरण की कोशिश का पूरा मामला सामने आ गया.
कांग्रेस ने गृहमंत्री से मांगा इस्तीफा
पद्मश्री फूलबासन बाई यादव के अपहरण की कोशिश के मामले को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है. कांग्रेस मीडिया चेयरमैन सुशील आनंद शुक्ला ने इस घटना को दुर्भाग्यजनक बताते हुए कहा कि साय सरकार में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और यह छत्तीसगढ़ की कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर दिन औसतन 8 महिलाओं के साथ दुराचार की घटनाएं हो रही हैं और बच्चियां तक सुरक्षित नहीं हैं. शुक्ला ने इसे छत्तीसगढ़ के गौरव पर हमला बताते हुए गृहमंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की है.
चारों आरोपियों से पूछताछ कर रही पुलिस
घटना के बाद ट्रैफिक पुलिस ने फूलबासन बाई यादव को सुरक्षित छुड़ाया और चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर सुकुलदैहान चौकी पहुंचाया. फिलहाल सभी से गहन पूछताछ की जा रही है और पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही अपहरण की कोशिश के पीछे की वजह और साजिश का खुलासा किया जाएगा.