• दो स्कूल भवन दोनों जर्जर, छत की छज्जे से गिर रहे हैं रेत, कंकड़, गिट्टी..

    खतरों के नीचे नौनिहालों का गढ़ता भविष्य कभी भी घट सकती है बड़ी घटना। पढ़िए जीरो ग्राउंड से एके निर्मलकर की रिपोर्ट..

    कवर्धा, 6 सितंबर 2026। कवर्धा जिले के कापा गांव से सामने आई तस्वीरें सरकारी दावों और जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रही हैं। यहां बच्चे जिस स्कूल में अपने बेहतर भविष्य का सपना लेकर पहुंचते हैं, वही स्कूल भवन अब खुद जर्जर होकर हादसे को न्योता दे रहा है। गांव में संचालित दोनों स्कूलों की हालत बदहाल है। कहीं दीवारें टूट चुकी हैं, तो कहीं खिड़कियां गायब हैं। कई जगह छत का हिस्सा टूटकर नीचे गिर रहा है। हालात ऐसे हैं कि स्कूल में बच्चों को पढ़ाने वाले गुरुजी भी सुरक्षित नहीं हैं और बच्चों के लिए भोजन बनाने वाली बावर्ची भी जर्जर छत के नीचे काम करने को मजबूर हैं।

    ये तस्वीरें कवर्धा जिले के कापा गांव के स्कूल की हैं...

    जहां शिक्षा का मंदिर कहे जाने वाला स्कूल भवन अब खुद बदहाली की कहानी बयां कर रहा है। स्कूल की दीवारें जगह-जगह टूट चुकी हैं... खिड़कियां गायब हैं... और छत की हालत इतनी जर्जर है कि उसका हिस्सा टूटकर नीचे गिर रहा है। बच्चों के खेलने के सामान भी रखरखाव के अभाव में जर्जर होकर कबाड़ में तब्दील हो चुके हैं।

    स्कूल परिसर में लगी पानी की टंकी भी क्षतिग्रस्त होकर गिर चुकी है। बाथरूम की हालत भी बेहद खराब है। वहीं बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल परिसर में बाउंड्रीवाल तक नहीं है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इसी जर्जर भवन में बच्चों की पढ़ाई चल रही है। इतना ही नहीं, भोजन बनाने वाली बावर्ची भी इसी परिसर में अपनी जान जोखिम में डालकर खाना बनाने को मजबूर हैं।