मलबे संग इमारत- टैंकर सब बह गया, बदहवास भागते लोग... वायनाड का लैंडस्लाइड
केरल के वायनाड में भारी बारिश के दौरान कंस्ट्रक्शन साइट पर भूस्खलन हुआ, जिसमें 3 लोगों की जान चली गई और 8 घायल हो गए. राहत और बचाव कार्य जारी है, प्रभावितों को यहां के चुलिक्का शासकीय प्राथमिक विद्यालय में राहत शिविर में रखा गया है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट:-
वायनाड, 8 जुलाई 2026. इस हादसे की कई भयावह वीडियो सामने आए हैं, जिनमें दिख रहा है कि कैसे जमीन धसकती जा रही है और दलदली मलबा बहकर आगे बढ़ते हुए सड़क पर मौजूद गाड़ियों - लोगों को अपनी चपेट में लेता जा रहा है.
टैंकर बना 'रक्षा कवच'
इस दौरान एक टैंकर लोगों के लिए 'सुरक्षा कवच' जैसा बन गया, जिसके कारण बहुत से लोग बच गए. वीडियो में दिख रहा है कि एक महिला किसी तरह ठीक टैंकर के नीचे से निकलते हुए बची. वहीं जहां टैंकर रुका मलबा भी वहीं तक फैल कर रुक गया. भूस्खलन के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है. जबकि प्रभावित क्षेत्र से अब तक 8 लोगों को सुरक्षित निकालकर उपचार के लिए मेप्पाडी स्थित विम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
भूस्खलन के बाद जिला प्रशासन ने मंगलवार को आसपास में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचना शुरू कर दिया है. साथ ही लापता 8 लोगों की तलाश के लिए अभियान तेज कर दिया गया है. इस भयानक भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई है.वहीं, मलबे के नीचे लापता लोगों की तलाश जारी है. सामने आए भूस्खलन के वीडियो में एक टैंकर, बस और कुछ लोग तेजी से बह रहे मलबे और पानी की चपेट में आ गए. तेजी से बहकर आए मलबे के चलते टैंकर और बस कई सौ मीटर फिसल कर पीछे आ गए. खबर है कि अभी भी कई लोगों के उस मलबे में दबे होने की आशंका है.
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया खौफनाक मंजर
प्रत्यक्षदर्शी अजमल ने बताया, "पहले हमें हल्की सी आवाज सुनाई दी. हम सभी तुरंत दुकान से बाहर निकल आए. शुरुआत में पहाड़ी का थोड़ा हिस्सा खिसकता दिखा, लेकिन देखते ही देखते बाद भूस्खलन बन गया. हमने आसपास मौजूद लोगों को वहां से तुरंत भगाने के लिए कहा. बस स्टॉप पर कई लोग खड़े थे और कुछ मजदूर भी काम कर रहे थे. तभी पुल के दूसरी तरफ खड़ा एक टैंकर भूस्खलन की चपेट में आ गया और बहता हुआ हमारी ओर आ गया. मुझे लगता है कि 10 से 15 लोग मलबे में दबे हुए हैं. अभी यहां स्पष्ट नहीं है कि पुल पर मौजूद लोग नदी में गिर गए या मलबे के नीचे दबे हुए हैं.
मक्का की तीर्थ यात्रा पर गया परिवार सुरक्षित
जानकारी के मुताबिक, 10 घायलों का दो अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है और बचाव टीम मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं. इस बड़े भूस्खलन में एक चर्च और पास में ही एक घर भी पानी में बह गया. अच्छी बात यह रही कि घर पर ताला लगा था क्योंकि घर में रहने वाले लोग मक्का की तीर्थ यात्रा पर गए हुए थे और घटना के समय चर्च के अंदर भी कोई नहीं था. सूत्र बताते हैं कि प्रभावित इलाकों को जोड़ने वाला एक पुल मलबे के नीचे दब गया, जिससे बचाव का कार्यों में भारी रुकावट पैदा हुई.
24 घंटों में 226 मिमी बारिश दर्ज
बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है और भारी मात्रा में मलबा हटाने और लापता लोगों की तलाश के लिए भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है. शुरुआती रिपोर्ट से पता चलता है कि लगातार बारिश के कारण साइट पर खोदी गई मिट्टी के बड़े ढ़ेर ढह गए, जिस पर काम करने वाली जगह का कुछ हिस्सा मलबे में दब गया. दरअसल, यह इलाका पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय है और जब मिट्टी खिसकने की घटना हुई, तो पास ही कई निजी गाड़ियां और निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को लाने और ले जाने वाली एक बस खड़ी थी. बचाव कर्मियों को आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी कुछ लोग दबे हो सकते हैं.