तेलंगाना में लागू होगी ' वन स्टेट, वन टैक्स ' व्यवस्था, निजी बसों व मैक्सी कैब के टैक्स में बड़े बदलाव
तेलंगाना सरकार निजी बसों के लिए 'एक राज्य, एक टैक्स ' प्रणाली लागू करने पर विचार कर रही है. पढ़ें, परिवहन विभाग की प्रस्तावित नई नीति पर समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट:-
हैदराबाद, 8 जुलाई 2026. तेलंगाना परिवहन विभाग राज्य में निजी चार्टर्ड बेसन की टैक्स व्यवस्था में बड़े बदलावों की तैयारी कर रहा है. सरकार 'एक राज्य, एक टेक्स व्यवस्था ' लागू करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है. मौजूदा में लघु तीन तरह की टैक्स प्रणालियों (एक जिला, दो जिलों की सीमा और राज्य स्तर) को समाप्त करने पर विचार किया जा रहा है. अब सभी बसों की सीटों पर एक समान त्रैमासिक टैक्स लगाने की बात की जा रही है.
तेलंगाना राज्य में 6, 641 प्राइवेट बसें कांट्रैक्ट कैरिज सेवाओं के तौर पर चलाई जा रही है. इनमें आम यात्रियों के लिए ऑपरेटरों द्वारा चलाई जाने वाली बसों के साथ-साथ निजी कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों के लिए चलाई जाने वाली बसें भी शामिल है. मौजूदा व्यवस्था में प्रति सीट के लिए न्यूनतम 1120 रुपए से लेकर अधिकतम 3285 रुपए तक टैक्स लिया जा रहा है. जिससे विभागों को हर 3 महीने में 117.83 करोड़ रुपए का राजस्व मिलता है.
परिवहन विभाग नई व्यवस्था के तहत प्रति सीट 1500 रुपए या 1800 रुपए टैक्स वसूलने की योजना बना रहा है. अगर यह 1500 रुपए तय होता है, तो इससे सालाना करीब 142. 23 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा. वहीं अगर इसे 1800 रुपए तय किया जाता है, तो कुल 169.71 करोड़ रुपए की कमाई के साथ हर साल लगभग 209 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा.
दूसरी तरफ, एक ही जिले के भीतर चलने वाली बसों की संख्या 5, 100 है. जिन पर हर 3 महीने में 1120 रुपए टैक्स लगता है. नई व्यवस्था में बस चाहे एक जिले में चले अथवा पूरे प्रदेश में, टैक्स बराबर ही देना होगा. इस वजह से कम दूरी पर चलने वाली बसों के मालिकों के लिए यह नई प्रणाली बोझ बन सकती है. परिवहन विभाग के सूत्रों का कहना है कि अभी केवल इस पर अध्ययन किया जा रहा है और कोई अंतिम फैसला लेने से पहले सभी बस मालिकों की भी राय ली जाएगी. इस नई नीति में राज्यव्यापी परमिट के साथ-साथ संयुक्त जिला परमिट भी शामिल है.
दरअसल, 8 से 17 सीटों वाले मैक्सी कैब वैन को हर 3 महीने में टैक्स देना पड़ता है. महाराष्ट्र और कर्नाटक में इन वाहनों के लिए एक ही बार में लाइफ टैक्स चुकाने की सुविधा है. इस सहूलियत की वजह से अधिकारियों ने पाया कि वहां ऐसे वाहनों की संख्या काफी अधिक है. खबर है कि इसी को देखते हुए तेलंगाना के मैक्सी कैब और वैन मालिकों से भी परिवहन नीति पर राज्य सरकार बातचीत करेगी. अभी अंतिम फैसला लिया जाएगा.