'पहले मुझे नॉमिनेशन वाले दिन उठाया, अब उन्हें...,' तेज प्रताप की गिरफ्तारी पर बोली वीणा मानवी
तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी पर बिहार में सियासी बवाल मचा हुआ है. फिलहाल अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. गिरफ्तारी के बाद तेज प्रताप की पार्टी जनशक्ति जनता दल ने इसे राजनीतिक प्रताड़ना बताया है. वहीं तेज प्रताप के वकील ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए गिरफ्तारी प्रक्रिया को गलत बताया. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट:-
पटना, 26 जुलाई 2026. जनशक्ति जनता दल (जेजेडी ) के नेता तेज प्रताप यादव को पटना के गांधी मैदान पुलिस इलाके में दर्ज प्रदर्शन मामले में अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. गिरफ्तारी के बाद उन्हें देर रात मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजीएम) के आवास पर पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया. इस कार्रवाई के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. पार्टी नेताओं और उनके वकील ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
वीणा मानवी ने भी गिरफ्तारी पर सवाल उठाया है
जनशक्ति जनता दल की बांकीपुर उपचुनाव प्रत्याशी वीणा मानवी ने तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रताड़ना करार दिया. उन्होंने कहा कि 13 जुलाई से पार्टी नेताओं को लगातार परेशान किया जा रहा है. मानवी के मुताबिक, पहले नामांकन के दिन उन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया और अब तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार कर लिया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रदर्शन के दौरान कोई अपराध हुआ था तो उस समय कार्रवाई क्यों नहीं की गई? उनका कहना था कि शाम के समय परिवार के साथ मौजूद रहने के दौरान गिरफ्तार करना पुलिस की मंशा पर सवाल खड़ा करता है.
वहीं, तेज प्रताप यादव के वकील जगन्नाथ सिंह ने भी गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई. उन्होंने दावा किया कि शिकायत 26 जुलाई को दर्ज की गई, जबकि तेज प्रताप यादव को 25 जुलाई शाम करीब 7:30 बजे पटना के सिटी सेंटर मॉल से हिरासत में लिया गया था. उन्होंने कहा परिवार को भी उनकी गिरफ्तारी की जानकारी नहीं दी गई और अब तक प्राथमिकी की प्रति उपलब्ध नहीं की गई है. वकील ने अदालत में रिहाई के लिए अर्जी दाखिल की है जिस पर सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है.
युवाओं के लिए मर- मिटाने को तैयार : तेज प्रताप यादव
पुलिस के मुताबिक, गांधी मैदान पुलिस क्षेत्र में हुए प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें तेज प्रताप यादव भी शामिल थे. अदालत के आदेश के बाद उन्हें 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. गौरतलब है कि गिरफ्तारी के बाद तेज प्रताप यादव ने कहा था कि वह युवाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ते रहेंगे और उनके लिए "मर मिटने " को भी तैयार हैं. अब इस मामले ने बिहार की सियासत में नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है. जहां विपक्ष पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन से जोड़कर सरकार पर निशाना साध रहे हैं. वहीं सत्ता पक्ष के लोग कानून सबके लिए बराबर बता रहे हैं.