सुशासन में एआई के प्रभावी उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल, IIIT नया रायपुर में दो दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न
नया रायपुर, 26 जुलाई 2026। शासन-प्रशासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) आधारित तकनीकों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने, शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की डिजिटल कार्यकुशलता विकसित करने तथा कार्यालयीन कार्यों को अधिक दक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से उद्योग संचालनालय एवं सीएसआईडीसी, रायपुर की पहल पर इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT), नया रायपुर में 23 एवं 24 जुलाई 2026 को दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT), नया रायपुर के डीन डॉ. श्रीनिवास के. जी. के मुख्य आतिथ्य में हुआ। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता शासन-प्रशासन को अधिक दक्ष, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने अधिकारियों से नई तकनीकों को अपनाकर प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता, कार्यकुशलता एवं निर्णय प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के मुख्य विशेषज्ञ प्रोफेसर लोकेन्द्र सिरिया ने प्रतिभागियों को कार्यालयीन कार्यों में एआई के व्यावहारिक उपयोगों का प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रथम दिवस के सत्रों में एआई की सहायता से पत्र, नोटशीट, डी.ओ. पत्र, कार्यालयीन आदेश, प्रतिवेदन एवं अन्य शासकीय दस्तावेजों का प्रारूपण, दस्तावेज़ों का सार-संक्षेप (Summarization), हिंदी-अंग्रेज़ी अनुवाद, स्कैन दस्तावेजों को संपादन योग्य प्रारूप (OCR) में परिवर्तित करना, पीडीएफ प्रबंधन तथा प्रभावी प्रस्तुतियाँ तैयार करने की तकनीकों का व्यवहारिक प्रदर्शन किया गया।
प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस में प्रतिभागियों को Power BI एवं Excel के माध्यम से डैशबोर्ड निर्माण, डेटा विश्लेषण, योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, कार्यालयीन कार्यप्रवाह (Workflow) का स्वचालन, प्रभावी प्रॉम्प्ट लेखन (Prompt Engineering), उत्तरदायी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Responsible AI), डेटा गोपनीयता तथा शासन में एआई आधारित विभिन्न उपयोगों पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारीगण, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्रों के प्रतिनिधियों तथा परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के साथ संवाद कर शासन-प्रशासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के व्यावहारिक उपयोग, कार्यालयीन प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण तथा कार्यकुशलता बढ़ाने से संबंधित विषयों पर अपने अनुभव साझा किए और विभिन्न जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
समापन सत्र में उद्योग संचालनालय के अपर संचालक शिव कुमार राठौर ने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि एआई आधारित डिजिटल कौशल वर्तमान समय में प्रभावी एवं उत्तरदायी सुशासन की महत्वपूर्ण आवश्यकता बन चुका है।