• 5 आलीशान मकान, 13 प्लॉट और 2.4 करोड़ कैश बरामद, इंजीनियर के खिलाफ विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई

    अधिकारियों के मुताबिक, बरामद संपत्तियों और कैश का मूल्यांकन अभी जारी है  एवं मामले से जुड़े सभी वित्तीय पहलुओं की विस्तार से जांच की जा रही है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ के साथ अभय कुमार बनर्जी की यह रिपोर्ट:-

    भुवनेश्वर, 7 जून 2026. ओड़िशा के कंधमाल जिले में
    तैनात एक शासकीय इंजीनियर की कथित आय से अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ है. विजिलेंस अधिकारियों ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई की है. यहां के बालिगुडा स्थितआईटीडीए में सहायक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद पर कार्यरत बैकुंठ नाथ बेहरा के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी के दौरान करोड़ों की संपत्ति और भारी मात्रा में कैश का पता चला है. आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिलने पर भुवनेश्वर के विशेष न्यायाधीश (विजिलेंस ) द्वारा सर्च वारंट के आधार पर बीते  कल विजिलेंस टीम ने भुवनेश्वर, जाजपुर, बारीपदा, और कांड धमाल जिले में कुल  9 ठिकानों पर एक साथ सर्च अभियान चलाया.

    5 इमारतें और 13 प्लॉट का खुलासा
    जांच के दौरान अधिकारियों ने इंजीनियर  देहरा उनके परिवार से जुड़ी 5 बहुमंजिला इमारतों का पता चला है. इनमें राजधानी भुवनेश्वर के नीलाद्री विहार  में 10,500 वर्ग फुट क्षेत्र में फैली 4 मंजिला इमारत प्रमुख हैं. इसके अलावा शैलश्री विहार में 3 मंजिला भवन, पटिया और चंद्रशेकरपुर में दो-दो मंजिला मकान तथा जाजपुर जिले के धर्मशाला इलाके में पैतृक जमीन पर दो मंजिला मकान भी शामिल है. विजिलेंस टीम को इंजीनियर बेहरा और उनके परिवार के नाम पर कुल 13 प्लॉट भी मिले हैं. इनमें 7 प्लॉट भुवनेश्वर में, 5 प्लॉट जाजपुर जिले के धर्मशाला में, और 1 प्लॉट बारीपदा में मौजूद है. विजिलेंस अधिकारियों को भुवनेश्वर में अन्य अचल संपत्तियों की भी जानकारी मिली है, जिसकी तहकीकात की जा रही है.

    करीब 2.4 करोड़ रुपए कैश बरामद 

    छापेमारी के दौरान विभिन्न परिसरों से केवल 2.66 लाख  रुपए कैश बरामद हुए थे. हालांकि, बेहरा की पत्नी के नाम पर भुवनेश्वर के चंद्रशेकरपुर स्थित एक्सिस बैंक और यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया में दो बैंक लॉकर का भी पता चला है. सूत्र बताते हैं कि जब इन लॉकरों को खोला गया तो उनमें करीब 2.4 करोड़ रुपए कैश मिले. नोटों की गिनती बैंक की मशीनों से कराई जा रही है. इसके साथ ही बरामद सोने के आभूषणों का मूल्यांकन भी किया जा रहा है. खबर है कि विजिलेंस अधिकारियों ने बैंक खातों, निवेश और अन्य वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रहे हैं.

    जूनियर इंजीनियर के तौर पर की थी शुरुआत

    बैकुंठ नाथ बेहरा ने 16 अगस्त 1999 को जूनियर इंजीनियर के तौर पर शासकीय सेवा में प्रवेश किया था. उस वक्त उनका मासिक वेतन  मात्र ₹6000 था. बाद में 31 अक्टूबर 2016 को उन्हें सहायक इंजीनियर पद पर पदोन्नति किया गया. जबकि फरवरी 2026 में उन्हें सहायक एजुकेटिव इंजीनियर बनाया गया एवं बालीगुडा आईटीडीए में नियुक्ति दी गई. मौजूदा उनका मासिक वेतन लगभग 80 हजार रुपए बताया जाता है. इस संदर्भ में विजिलेंस एसपी सुशांत कुमार बिस्वाल ने 
    बताया है कि जांच पूरी होने के बाद  आय से अधिक संपत्ति के मामले में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक, बरामद संपत्तियों और कैश का मूल्यांकन अभी जारी है एवं मामले से जुड़े सभी वित्तीय पहलुओं की विस्तार से जांच की जा रही है.