फुटेज डिलीट, काउंटिंग में खेल... एसआईटी को मिले राम मंदिर चढ़ावा चोरी के सबूत? 10 बड़े खुलासे
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और दान राशि की चोरी के मामले में एसआईटी की जांच पूरी हो गई है और ट्रस्ट से जुड़े अनिल मिश्रा व गोपाल राव शक के दायरे में है. एसआईटी को सीसीटीवी फुटेज में छेड़छाड़ और चढ़ावे की गिनती में गड़बड़ी के अहम सबूत मिले हैं. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ विशेष रिपोर्ट:-
लखनऊ/ अयोध्या, 22 जून 2026. अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और दान राशि की कथित चोरी के मामले में गठित सीट की जांच पूरी हो गई है. सूत्रों की मानें तो एसआईटी को जांच के दौरान कई अहम सबूत हाथ लगे हैं. शक के दायरे में ट्रस्ट से जुड़े महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव भी शामिल हैं. बताया जा रहा है कि गड़बड़ियां कई स्तर से सामने आई है. चाहे नोटों की गिनती की बात हो या फिर सीसीटीवी कैमरों से छेड़छाड़, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की थी, ये टीम मंदिर के दान में हेराफेरी के आरोपों की जांच की है. बताते हैं अब तक एसआईटी के हाथ क्या-क्या सबूत मिला है.
ट्रस्ट के अधिकारी अनिल मिश्रा, और गोपाल राव पर शिकंजा
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, एसआईटी को श्री राम मंदिर में चढ़ावे में चोरी का सबूत मिल गया है। एसआईटी की प्रारंभिक जांच पूरी हो गई है. सीट अब सीएम योगी आदित्यनाथ को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सोमवार को सौंप सकती है. एसआईटी ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की भूमिका को जांच के दायरे में बताया है. एसआईटी को सीसीटीवी फुटेज से राशि काम किए जाने के सबूत मिले हैं. कुछ सीसीटीवी फुटेज को डिलीट भी किए जाने का शक है. एसआईटी ने लापरवाही और साजिश इन दोनों पहलुओं की जांच की है. एसआईटी ने पाया कि दान राशि गणना प्रक्रिया की निगरानी तंत्र पूरी तरह फेल है.
ऐसे में टिन्नू यादव, कुछ गणना कर्मी और बैंक कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज हो सकती है. सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने ट्रस्ट के पदाधिकारी अनिल मिश्रा और निर्माण सहायक गोपाल राव की भूमिका को बेहद संदिग्ध बताया है.
बैंक कर्मी समेत 20 से 25 लोगों की लापरवाही
एसआईटी ने 6 दिनों में करीब 150 लोगों से पूछताछ की है. ट्रस्ट के तीन पदाधिकारियों समेत प्रबंधन के 20 से 25 लोगों की लापरवाही अथवा संलिप्तता सामने आई है. इसको लेकर एसबीआई के 6 कर्मी और टीसीएस के 6 कर्मियों से भी पूछताछ हुई है. एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन में बड़े बदलाव होने तय माने जा रहे हैं.
पैसे ही नहीं, सोना और चांदी का चढ़ावा भी हुआ गायब
यह मुद्दा उठा था कि चढ़ावे के पैसे गायब हो रहे हैं, लेकिन धीरे-धीरे यह सामने आ रहा है कि सोना - चांदी का चढ़ावा भी गायब हुआ है. फर्जी ट्रस्ट के नाम से गवन हो रहा है. जांच में यह भी सामने आ रहा है कि जिन कमरों में चढ़ावे की गिनती होती थी. वहां के सीसीटीवी में भी छेड़छाड़ संभव है. यह भी सामने आया है कि ट्रस्ट में करीबी लोगों को महत्वपूर्ण काम पर लगा दिया जाता था.