मुंबई में एनआरआई के लॉकर से 82 लाख के सोने के आभूषण गायब, बैंक का उप प्रबंधक गिरफ्तार
मुंबई के कांदिवली में एनआरआई के बैंक लॉकर से 82 लाख रुपए के आभूषण गायब होने से हड़कंप मचा हुआ है. इस मामले में पुलिस ने बैंक के उप प्रबंधक कुलदीप साहनी को अरेस्ट कर लिया है और उसके कब्जे से सोने के आभूषण भी बरामद कर लिए हैं. पढ़िए इस उप प्रबंधक की करतूत..
मुंबई, 23 अगस्त 2026. मुंबई के कांदिवली में एक निजी बैंक के लॉकर से 82 लाख रुपए के सोने के गहने गायब होने का मामला सामने आया है. इस मामले में पुलिस ने बैंक के उप प्रबंधक कुलदीप साहनी को अरेस्ट कर लिया है. आरोप है कि उसने बैंक लॉकर में रखे एनआरआई के सोने के आभूषण का गलत तरीके से इस्तेमाल किया और उन्हें अलग-अलग गोल्ड मॉर्गेज फॉर्मों के पास गिरवी रख दिया. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट यानी आपराधिक विश्वासघात का केस दर्ज किया है.
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में शिकायत करने वाले व्यक्ति की उम्र 72 साल है और वह बुजुर्ग बीते 50 वर्षों से अधिक समय से अपने परिवार के साथ दुबई में रह रहे हैं. उनका मुंबई में एक निजी बैंक में अकाउंट है और कांदिवली में उनका एक फ्लैट भी मौजूद है. इसी बैंक की कांदिवली शाखा में उन्होंने अपना लॉकर लिया था. लंबे समय विदेश में रहने की वजह से वह नियमित रूप से लॉकर चेक नहीं कर पाए. शिकायतकर्ता ने मार्च 2024 में बैंक के लॉकर में करीब 610 ग्राम सोने के आभूषण रखे थे. उस समय इन आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 81.8 लाख रुपए थी, जो बाद में करीब 82 लाख रुपए बताई गई. करीब 2 साल बाद जब वह मुंबई आए और बैंक की शाखा में जाकर अपना लॉकर चेक किया, तो उनके होश उड़ गए. लॉकर में रख पूरा सोने का आभूषण गायब था और इसकी जानकारी उन्होंने वहां बैंक अधिकारियों से मांगी.
बैंक से पूछताछ के बाद भी जब सोने के गहने के बारे में कोई संतोषजनक जानकारी नहीं मिली, तो शिकायतकर्ता ने पुलिस का रुख किया. उन्होंने बीते 12 अगस्त को इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. बाद में कांदिवली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर तहकीकात शुरू की. चूंकि आभूषण करीब 2 साल पहले लॉकर से गायब हुए थे, इसलिए पुलिस के सामने पुरानी सीसीटीवी फुटेज हासिल करना एक बड़ी चुनौती थी. जांच के दौरान पुलिस ने बैंक के कर्मचारियों से पूछताछ की और लॉकर से जुड़े पुराने रिकार्ड खंगाले. जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता के लॉकर को बैंक की ओर से उप प्रबंधक कुलदीप साहनी ने उपलब्ध कराया था.
पुलिस को इस जानकारी के बाद कुलदीप साहनी के भूमिका पर शक हुआ. बाद में जांच टीम ने उसके पिछले दो साल के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की बारीकी से पड़ताल शुरू की. वहीं, डीसीपी की निगरानी में पुलिस टीम ने आरोपी के बैंक ट्रांजैक्शन की जांच की. जांच में पता चला कि पिछले दो वर्षों के दौरान उसके बैंक खाते से करीब 9 करोड़ रुपए तक के लेनदेन हुए थे. पुलिस के मुताबिक, इन ट्रांजेक्शन का बड़ा हिस्सा ऐसी कंपनियों के साथ था, जो सोने को गिरवी रखकर लोन या मॉर्गेज का कारोबार करती है. इससे पुलिस का शक और मजबूत हो गया.
पुलिस ने उन सभी कंपनियों से संपर्क साधा, जिनके पास आरोपी के वित्तीय लेनदेन सामने आए थे. जांच टीम ने इन फर्मों से कुलदीप सनी द्वारा गिरवी रखे गए सोने के आभूषणों की तस्वीरें मांगी. तस्वीरों की जांच के दौरान पुलिस को ऐसे आभूषण दिखाई दिए, जो शिकायतकर्ता के लॉकर में रखे आभूषणों से मेल खाते थे. बाद में पुलिस ने इन आभूषणों की पहचान और बरामदगी की कार्रवाई शुरू की. पुलिस ने जांच को आगे बढाते हुए शिकायतकर्ता के सोने के आभूषणों को बरामद कर लिया. इसके साथ ही बैंक के उप प्रबंधक कुलदीप साहनी को भी गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस के मुताबिक, प्राथमिकी दर्ज होने के महज चार दिनों के भीतर ही आरोपी तक पहुंचने और आभूषण बरामद करने में कामयाब हुई पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में उनके साथ कोई और व्यक्ति या बैंक कर्मचारी भी शामिल था या नहीं.