• ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस में गोल्ड तस्करी के रैकेट का पर्दाफाश, 3 करोड़ का गोल्ड बरामद, तस्कर गिरफ्तार

    नागपुर रेलवे स्टेशन पर डीआरआई की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 करोड़ 9 लाख रुपए मूल्य का विदेशी गोल्ड जब्त किया है. यह गोल्ड भारत बांग्लादेश सीमा से तस्करी करके लाया गया था. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट:-
    नागपुर, 9 अगस्त 2026. रविवार को नागपुर रेलवे स्टेशन पर राजस्व खुफिया निदेशालय  (डीआरआई ) की टीम ने  बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 3 करोड़  9 लाख रुपए मूल्य का  विदेशी गोल्ड जब्त किया है. यह गोल्ड भारत- बांग्लादेश सीमा से तस्करी करके ट्रेन के जरिए लाया जा रहा था. लेकिन डीआरआई की नागपुर टीम ने खुफिया इनपुट के आधार पर ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस ट्रेन में दबिश देते हुए एक संदिग्ध यात्री को दबोच लिया और उसके पास से सोने के 16 बिस्किट बरामद किए हैं. जानकारी के मुताबिक, बरामद गोल्ड का कुल वजन
    2.165 किलोग्राम है और इसकी अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ 9 लाख रुपए बताई जा रही है.

    डीआरआई अधिकारियों को सूचना मिली थी कि तस्करी का सोना ट्रेन संख्या 12102 की ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के जरिए आगे ले जाया जा रहा है. इसके बाद अधिकारियों ने  नागपुर रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध यात्री की निगरानी शुरू की और उसे दबोच लिया.

    पेंट की सेलोटेप और अखबार में छिपाया था गोल्ड

    तस्करी के सोने को छिपाने के लिए आरोपी यात्री ने खास तरीका अपनाया था. गोल्ड बिस्किट को उसने पेंट की रंगीन सेलोटेप से लपेटने के बाद पुराने अखबार में बांधकर रखा था. जिसका मकसद गोल्ड की पहचान छिपाना और तलाशी के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देना था. हालांकि, डीआरआई को मिली पुख्ता जानकारी के कारण तस्करी की योजना सफल हो गई. प्रारंभिक जांच में आरोपी ने कथित तौर पर तस्करी के गोल्ड को छिपाने और उसे निर्धारित व्यक्ति तक पहुंचने की बात स्वीकार कर ली है.

    इस बीच डीआरआई ने सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत गोल्ड के 16 बिस्किट जब्त करने के साथ-साथ आरोपी यात्री को अरेस्ट कर लिया है. फिलहाल डीआरआई अधिकारी इस पूरे मामले की गहन पड़ताल कर रही है. जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि गोल्ड भारत में कहां से लाया गया था और तस्करी के इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा बरामद गोल्ड की खेप आखिर किस व्यक्ति तक पहुंचाई जानी थी. एजेंसी को आशंका है कि इस मामले के पीछे एक बड़ा तस्करी नेटवर्क सक्रिय हो सकता है.