• थलपति विजय के लिए गुड न्यूज, TVK को चुनाव आयोग की सौगात, कार्यकर्ता बजाएंगे 'सीटी'

    चुनाव आयोग ने आधिकारिक तौर पर 'तमिलगा वेत्री कषगम' (TVK) को तमिलनाडु में एक मान्यता प्राप्त राज्य स्तरीय राजनीतिक पार्टी के रूप में मान्यता दे दी है और पार्टी के चुनाव चिह्न 'सीटी' (Whistle) पर भी मुहर लगा दी है। इसके साथ ही तमिलनाडु में मान्यता प्राप्त राज्य स्तरीय पार्टियों की संख्या छह से बढ़कर सात हो गई है।

    चेन्नई, 11 सितंबर 2026। चुनाव आयोग ने तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) को आधिकारिक तौर पर एक राजनीतिक पार्टी के रूप में मान्यता दे दी है। इसके साथ ही चुनाव चिह्न के तौर पर 'सीटी' (Whistle) पर भी मुहर लगा दी है। दरअसल थलपति विजय की अगुवाई वाली टीवीके एक ऐसी पार्टी हैं, जिसने बनने के सिर्फ दो साल के भीतर ही सरकार बना ली। चुनाव आयोग के हालिया फैसले के साथ ही तमिलनाडु में मान्यता प्राप्त राज्य स्तरीय पार्टियों की संख्या छह से बढ़कर सात हो गई है।

    दरअसल पिछले विधानसभा चुनाव में तमिलगा वेत्री कषगम ने सभी 234 विधानसभा सीटों में अकेले चुनाव लड़ा और 108 सीटें जीतीं। इसके बाद टीवीके ने कांग्रेस और वीसीके जैसी पार्टियों के समर्थन से सरकार बनाई। चुनाव आयोग ने तमिलगा वेत्री कषगम को तमिलनाडु में एक मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के रूप में मान्यता दी है। यह उपलब्धि पार्टी के बनने के सिर्फ दो साल बाद ही हासिल हुई। इसके अलावा आयोग ने 'सीटी' (Whistle) के निशान को पार्टी के आधिकारिक चुनाव चिह्न के तौर पर मंजूरी दी है। सीटी चुनाव निशान को टीवीके ने पिछले चुनाव में इस्तेमाल किया था।

    चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को मान्यता

    भारत में राजनीतिक दल जनता की सेवा करने के मकसद से बनाए जाते हैं। कोई भी भारतीय नागरिक राजनीतिक दल शुरू कर सकता है। जब ऐसे दल देश या किसी खास राज्य में अपनी सेवाएं देते हैं, तो वे चुनाव आयोग से राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय दल के तौर पर मान्यता पाने के हकदार हो जाते हैं। हालांकि, हर नई बनी पार्टी को आधिकारिक मान्यता नहीं मिलती। चुनाव आयोग मान्यता तभी देता है जब कोई पार्टी चुनावी प्रदर्शन के जरिए जनता का समर्थन और अपना प्रभाव साबित कर दे। इसके लिए आयोग ने 1968 से मान्यता देने के नियम तय किए हैं। मान्यता प्राप्त दल घोषित होने के लिए किसी पार्टी को नीचे दी गई शर्तों में से कम से कम एक शर्त पूरी करनी होती है।

    चुनाव आयोग के नियम

    किसी पार्टी को विधानसभा चुनावों में डाले गए कुल वोटों का 6 प्रतिशत हासिल करना होता है और कम से कम दो विधानसभा क्षेत्रों में जीतना होता है।
    इसी तरह संसदीय चुनावों के दौरान किसी पार्टी को राज्य में डाले गए कुल वोटों का कम से कम 6 प्रतिशत हासिल करना होता है और कम से कम एक संसदीय क्षेत्र में जीतना होता है।

    भारत के चुनाव आयोग की ओर से 2011 में घोषित एक नई शर्त के अनुसार, किसी पार्टी को संसदीय चुनावों में 8 प्रतिशत वोट हासिल करना भी जरूरी है।

    तमिलनाडु में अब तक मान्यता प्राप्त पार्टियां:
    1. DMK (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम)
    2. AIADMK (ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम)
    3. VCK (विदुथलाई चिरुथाइगल काची)
    4. NTK (नाम तमिलर काची)
    5. DMDK (देशिया मुरपोक्कू द्रविड़ कड़गम)
    6. CPI (कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया)
    अब चुनाव आयोग ने 'तमिलगा वेत्री कषगम' को तमिलनाडु में राज्य स्तरीय पार्टियों की सूची में 7वीं पार्टी के रूप में घोषित किया। इस सूची में पहले छह पार्टियां थीं।

    वे पार्टियां जिन्होंने राज्य स्तरीय पार्टी का दर्जा खोया

    कुछ पार्टियां जिन्हें पहले तमिलनाडु में मान्यता प्राप्त थी, अब बाद के चुनावों में जरूरी शर्तें पूरी न कर पाने के कारण मान्यता प्राप्त पार्टियों की सूची से हटा दी गईं।

    1. MDMK (मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम)
    2. PMK (पट्टली मक्कल काची)