बेमेतरा में एसीबी के हत्थे चढ़ा प्रधान आरक्षक, किसान को जेल भेजने की धमकी देकर मांग रहा था 15 हजार
बेमेतरा में एसीबी ने बड़ी कार्रवाई की है। घूस लेते प्रधान आरक्षक को थाने से गिरफ्तार किया है।
बेमेतरा, 26 जून 2026। बेमेतरा जिले के थान खम्हरिया में ACB ने घूस लेते प्रधान आरक्षक को थाने से गिरफ्तार किया है। भ्रष्टाचार पर एसीबी के कड़े प्रहार से पुलिस महकमे हड़कंप मचा हुआ है। एसीबी की टीम ने थान खम्हरिया थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक अजय लहरे को 15 हजार रुपए की घूस लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया है. ये पूरी कार्रवाई एक सीधे-साधे गरीब किसान दुर्गेश पटेल की शिकायत पर की गई है, जिसे खाकी के रसूखदारों द्वारा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही थी.
क्या है पूरा मामला..
यह पूरा मामला एक गरीब किसान को कानूनी चक्रव्यूह में फंसाकर उगाही करने का है. खैरझिटीकला गांव के रहने वाले किसान दुर्गेश पटेल ने अपनी ही निजी जमीन पर लगे एक पेड़ को काटा था. इस बात को लेकर उनके पड़ोसी ने विवाद खड़ा किया और स्थानीय सरपंच के राजनीतिक रसूख का फायदा उठाकर थाने में एक शिकायत दर्ज करवा दी. मामला थाना पहुंचते ही पुलिस ने इसे दुहाई का मामला बना लिया।
किसान को दी जेल भेजने की धमकी
आरोप है कि थाना प्रभारी (TI) चंद्रदेव वर्मा और उनके सहयोगी प्रधान आरक्षक अजय लहरे ने इस मामूली विवाद को इतना बड़ा बना दिया कि किसान को सीधे धारा 151 के तहत जेल भेजने की धमकी दे डाली. कभी भी पुलिस थाने की चौखट न लांघने वाले डरे-सहमे किसान से इस मामले को रफा-दफा करने के एवज में पहले 20 हजार की मांग की गई, जो बाद में 15 हजार में तय हुई. जिसके बाद किसान ने मामले की शिकायत एसीबी में किया और शुक्रवार को पैसे देने जैसे ही थाना पहुंचा वैसे ही रंगे हाथ एसीबी ने प्रधान आरक्षक को धर दबोचा.
वहीं पीड़ित किसान दुर्गेश पटेल का कहना है कि "मैंने अपनी जमीन पर लगे पेड़ को काटा था.जिसके बाद मेरे पड़ोसी ने थाने में शिकायत की. पुलिस ने मुझे 151 धारा के तहत जेल में भेजने की धमकी दी. जब मैंने विरोध किया तो केस कमजोर करने के लिए 20 हजार की मांग की. इसके बाद सौदा 15 हजार में तय हुआ. टीआई और प्रधान आरक्षक ने पैसे मांगें थे. इसके बाद मैंने एसीबी में शिकायत की"
किसान ने प्रधान आरक्षक, टीआई पर लगाया आरोप
वही मामले में पार्टी किसान दुर्गेश पटेल का वह सीधा आरोप है कि थाना प्रभारी चंद्रदेव वर्मा के इशारे उनकी सहभागिता से ही यह वसूली की जा रही थी. वर्तमान में एसीबी की टीम थाने के भीतर बंद कमरों में कागजातों को खंगाल रही है. सूत्र बताते हैं कि आरोपी प्रधान आरक्षक से कड़ी पूछताछ की जा रही है कि इस घूसकांड का मास्टरमाइंड कौन है और क्या रिश्वत की यह रकम ऊपर तक जाने वाली थी.यदि कड़ियां जुड़ीं, तो थान खम्हरिया टीआई पर भी गाज गिरना तय माना जा रहा है.