कौन है सुजाता कार्तिकेयन? बीजेडी में एंट्री के पीछे क्या है नवीन पटनायक का प्लान. ..
समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ के साथ भुवनेश्वर संवाददाता अभय बनर्जी की रिपोर्ट:-
भुवनेश्वर, 26 जून 2026. ओड़िशा के महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम में नौकरशाह से नेता बने बीके पांडियन की पत्नी सुजाता राउत कार्तिकेयन गुरुवार को बीजू जनता दल (बीजेडी) में शामिल हो गई. पार्टी में उनकी एंट्री ऐसे समय हुई है, जब बीजू जनता दल में अंदरूनी कलह चरम पर है और कई नेताओं ने पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया है. हालांकि, सुजाता कार्तिकेयन के पार्टी में शामिल होने पर वरिष्ठ नेताओं के एक वर्ग में असहजता देखी गई.
इस बीच, बीजू जनता दल प्रमुख नवीन पटनायक ने स्पष्ट संदेश दिया कि पार्टी की कमान अभी भी उनके हाथ में ही रहेगी और इसे लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सुजाता कार्तिकेयन पार्टी में एक कार्यकर्ता के तौर पर काम करेगी.
क्या सुजाता की एंट्री बड़े प्लान का हिस्सा है?
नवीन पटनायक ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में हमेशा किसी भरोसेमंद सहयोगी को सरकार और संगठन की जिम्मेदारी सौंपी. पूर्व नौकरशाह प्यारी मोहन महापात्र लंबे समय तक यह भूमिका निभाते रहे, लेकिन मतभेदों के चलते उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में निजी सचिव रहे बीके पांडियन को 2024 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के सबसे प्रभावशाली चेहरों में गिना जाता था. चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिए भी उन्हें जिम्मेदार ठहराया गया. बाद में उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली. लेकिन वे अब भी नवीन पटनायक के करीबी माने जाते हैं. माना जा रहा है कि पत्नी सुजाता कार्तिकेयन को पार्टी में शामिल कराने में उनकी अहम भूमिका रही है.
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने दबी जुबान में कहा कि बीजद अब सत्ता में नहीं है और नवीन पटनायक की उम्र भी बढ़ रही है. मौजूद नेताओं में ऐसा कोई चेहरा नहीं है, जिस पर उन्हें दूसरे नंबर के नेता के तौर पर पूरा भरोसा हो सके. ऐसे में पार्टी को भविष्य के लिए तैयार करने और उसे मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से उत्तराधिकारी की योजना पर काम किया जा रहा है.
कौन है सुजाता कार्तिकेयन?
51 वर्षीय सुजाता कार्तिकेयन ओड़िशा की सबसे प्रभावशाली भारतीय प्रशासनिक अधिकारियों में गिनी जाती थी. बीजद सरकार के दौरान उनका नाम विशेष तौर पर " मिशन शक्ति" से जुड़ा रहा. यह महिला सशक्तिकरण के लिए नवीन पटनायक सरकार की प्रमुख योजनाओं में से एक थी. सुजाता कार्तिकेयन ने मार्च 2025 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ली. इससे पहले उनके पति बीके पांडियन ने अक्टूबर 2023 में नौकरशाही से इस्तीफा देकर बीजू जनता दल का दामन थाम लिया था. आईएएस के प्रशिक्षण के दौरान सुजाता की मुलाकात बीके पांडियन से हुई, इसके बाद दोनों ने विवाह कर लिया. शादी के बाद बीके पांडियन पंजाब कैडर छोड़कर ओड़िशा कैडर ज्वाइन किया. दंपति के दो बच्चे भी हैं.