वाराणसी में भाजपा नेता समेत 10 पर 50 करोड़ की जमीन हड़पने का आरोप, आयुष्मान कार्ड के नाम पर ठगी
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भाजपा नेता और रजिस्ट्री कर्मचारियों सहित 10 लोगों पर 50 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है. बता दें कि वाराणसी के रोहनिया पुलिस में कोर्ट आदेश पर 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. भाजपा नेता सुरेश सिंह पर वृद्ध बीमार के इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड के बदले करोड़ों की जमीन हड़पने का आरोप है .. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट:-
वाराणसी, 13 जुलाई 2026. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, वाराणसी पुलिस ने रिटायर्ड शिक्षक की पत्नी की शिकायत पर भाजपा नेता सहित 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. जिसमें भाजपा नेता सुरेश सिंह के साथ रजिस्ट्री विभाग के 2 कर्मचारियों सहित 10 अन्य लोग भी शामिल हैं. बता दें कि, मुख्य आरोपी भाजपा जिला उपाध्यक्ष की गिनती पूर्वांचल यूपी में गद्दाबर नेताओं के रूप में की जाती है.
क्या है पूरा मामला
दरअसल, पूरा मामला वाराणसी के रोहनिया पुलिस इलाके का है. जहां एक सेवा निवृत शिक्षक का गंभीर बीमारी के चलते डायलिसिस चल रहा है. लेकिन उनकी इस बीमारी का फायदा उठाकर कथित लोगों ने आयुष्मान कार्ड बनाने के बदले 50 करोड़ की जमीन हड़प ली. इसकी शिकायत उनकी पत्नी और पीड़िता प्रमिला मिश्रा ने पुलिस में दर्ज कराई है. उन्होंने आरोप लगाया कि पति की गंभीर बीमारी और डायलिसिस का फायदा उठाकर कथित लोगों ने 65 विश्वा जमीन की गुपचुप तरीके से रजिस्ट्री करा ली है.
रिपोर्ट में किस-किस का नाम
पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर जो प्राथमिकी दर्ज की है उसमें भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुरेश सिंह राय, विशाल मिश्रा, रवि उपाध्याय और वरुण पति उपाध्याय समेत 10 लोगों को नामजद किया गया है. शिकायत के मुताबिक, हड़पी गई जमीन की अनुमानित कीमत करीब 50 करोड़ रुपए आंकी गई है. आरोप है कि इलाज के बहाने गंभीर बीमार शिक्षक को रजिस्ट्री कार्यालय गंगापुर ले जाकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और अंगूठा लगवाया गया.
रजिस्ट्री कार्यालय के लिपिक की भी मिलीभगत
प्रदत्त जानकारी के मुताबिक, एफआईआर में उप निबंधक (सब रजिस्टार ) और रजिस्ट्री कार्यालय के एक लिपिक पर भी आरोप है. पीड़िता का आरोप है कि पूरी कार्रवाई परिवार से छिपाकर की गई और पति का मोबाइल नंबर तक बदल दिया गया, ताकि किसी को इसकी भनक तक नहीं लग सके. हालांकि, कोर्ट के आदेश पर बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है.
भतीजा और ड्राइवर ले जाते थे अस्पताल
बीमार रिटायर्ड शिक्षक ओमप्रकाश की पत्नी प्रमिला मिश्रा ने पुलिस में शिकायत करते हुए बताया कि 65 वर्षीय पति ओम प्रकाश पिछले 2 साल से किडनी रोग से ग्रसित हैं. उन्हें सप्ताह में 2 बार डायलिसिस के लिए अस्पताल नहीं जाना होता है. उनका इकलौता बेटा अभिषेक मिश्रा मुरादाबाद में डॉक्टर हैं, वहीं भतीजा विशाल मिश्रा और ड्राइवर रवि उपाध्याय व वरुण पति उनकी डायलिसिस कराने ले जाते थे. आरोपियों ने पति से कहा था कि इतना अधिक पैसा सब जगह लग रहा है, तो क्यों नहीं हम आपका आयुष्मान कार्ड बनवा देते हैं और इस कार्ड से हर साल में 5 लाख रुपए मिलेंगे और आपका इलाज हो जाएगा.