• लव, धोखा और मर्डर; प्रेमी ही निकला जान का दुश्मन, प्रेमिका को रास्ते से हटाने पत्नी के साथ मिलकर दी 4 लाख की सुपारी

    लव, धोखा और मर्डर; सक्ती के पूर्णिमा चौहान हत्याकांड में प्रेमिका और पत्नी के बीच फंसा व्यक्ति ने आखिरकार अपने प्यार को ही रास्ते से हटाने का निर्णय लिया। पत्नी के दबाव में आकर प्रेमिका के नाम पर सुपारी देकर इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया।  

    सक्ती, 2 जुलाई 2026। सक्ती के पूर्णिमा चौहान हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा सनसनीखेज खुलासा किया है। अंधे कत्ल की इस वारदात के पीछे प्रेम संबंध और पारिवारिक विवाद सामने आया है। पुलिस के अनुसार मृतिका पूर्णिमा चौहान उर्फ पूनम की हत्या उसके प्रेम संबंध से नाराज होकर पति-पत्नी ने 4 लाख रुपये की सुपारी देकर कराई थी। मामले में पुलिस ने छत्तीसगढ़, झारखंड और महाराष्ट्र से हत्या में शामिल सभी 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

    पुलिस के मुताबिक 26 जून 2026 को ग्राम जोंगरा निवासी पूर्णिमा चौहान उर्फ पूनम की दो नकाबपोश बदमाशों ने सिर पर पिस्तौल तानकर धड़ाधड़ तीन गोली मारकर मौत की घाट उतार दिया था और मोटरसाइकिल से फरार हो गए थे। इस घटना के बाद सक्ती में हड़कंप मच गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक सक्ती प्रफुल्ल ठाकुर के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू की।

    जांच में खुलासा हुआ कि मृतिका का रायगढ़ जिले के देल्लारी निवासी मुरलीशंकर चौहान के साथ प्रेम संबंध था। दोनों आयुर्वेदिक दवा प्रचार और बिक्री का काम करते थे। इस संबंध को लेकर मुरलीशंकर की पत्नी चम्पा चौहान से विवाद चल रहा था। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि चम्पा और मुरलीशंकर ने पूर्णिमा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और हत्या के लिए 4 लाख रुपये की सुपारी दी। पुलिस के अनुसार सुपारी देने के बाद राजेंद्र महंत, गौरीशंकर सिदार और सुनील महंत सहित अन्य आरोपियों ने मिलकर हत्या की साजिश रची।

    26 जून को योजना के तहत गौरीशंकर सिदार और सुनील महंत मोटरसाइकिल से जोंगरा पहुंचे, जहां गौरीशंकर ने पिस्तौल से गोली मारकर पूर्णिमा की हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपियों को अलग-अलग राज्यों में फरार कराने में अन्य साथियों ने मदद की। पुलिस ने राजेंद्र महंत को झारखंड के जमशेदपुर और गौरीशंकर सिदार व सुनील महंत को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया। इसके अलावा अन्य आरोपियों को दबिश देकर पकड़ा गया। आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त पिस्तौल, 4 जिंदा राउंड, बाइक, मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और कुल नगदी राशि बरामद की गई है।

    गिरफ्तार आरोपियों में चम्पा चौहान, मुरलीशंकर चौहान, सुनील महंत, गौरीशंकर सिदार, राकेश महंत, वेदप्रकाश महंत उर्फ सोनू, राजेंद्र महंत, सुमित गबेल और चंद्रशेखर महंत शामिल हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या, षड्यंत्र और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।