• मीनार मंडल गिरफ्तार, टुलू मंडल फरार, आखिर क्या है 'सोने ' के खजाने की राज

    बीरभूम में 28.5 करोड़ रुपए कैश और 15 किलो सोना बरामद हुआ है. यह संपत्ति  कथित तौर पर पत्थर कारोबारी टुलू मंडल से जुड़ी है. मामले की जांच जारी है और पुलिस टुलू मंडल की तलाश कर रही है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की सनसनीखेज रिपोर्ट:-

    कोलकाता, 30 जुलाई 2026. बीरभूम करोड़ों रुपए की बरामदगी से सुर्खियों में है. बीरभूम जिले के मोहम्मद बाजार में पुलिस की एक  बड़ी कार्रवाई के दौरान मीनार मंडल के घर से  करीब 28 करोड़  50 लाख रुपए कैश  और 15 किलो सोना बरामद हुआ है. सोने की कीमत जोड़ने पर कुल बरामद संपत्ति का कीमत 50 करोड़ से अधिक बताया जा रहा है. इस कार्रवाई ने पश्चिम बंगाल की राजनीति से लेकर प्रशासन तक हलचल मचा दी है.

    डकैतों की गिरफ्तारी से खुला करोड़ के खजाने का राज

    पुलिस के मुताबिक, पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब झारखंड के दुमका निवासी 7 संदिग्ध डकैतों को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में डकैतों ने बताया कि वे मीनार मंडल के घर डकैती करने की योजना बना रहे थे क्योंकि वहां भारी मात्रा में कैश और सोना रखा हुआ है. इस सूचना के आधार पर 29 जुलाई की सुबह करीब 3 बजे पुलिस मीनार मंडल के घर पर दबिश दी. इस दौरान अधिकारियों के भी होश उड़ गए.

    कौन है मीनार मंडल
    जांच में सामने आया है कि मीनार मंडल पहले सरकारी बस चालक था. सेवानिवृत्ति के बाद वह बीरभूम  के चर्चित पत्थर कारोबारी टुलू मंडल के कारोबार से जुड़ गया. वह कारोबार का हिसाब- किताब, लेनदेन और वित्तीय प्रबंधन संभालता था. स्थानीय लोगों के मुताबिक, वह टुलू मंडल का सबसे भरोसेमंद आदमी माना जाता था. दबिश के बाद पुलिस ने मीनार मंडल को गिरफ्तार कर लिया है और उसके घर को सील कर दिया गया है.

    कौन है  टुलू मंडल
    पूरे मामले में सबसे अधिक जिस नाम की चर्चा हो रही है, वह है टुलू मंडल उर्फ मोहम्मद निजामुद्दीन. बीरभूम में उसे पत्थर कारोबार का सबसे प्रभावशाली कारोबारी माना जाता है. लगभग 10 वर्ष पूर्व टुलू मंडल ट्रकों से पत्थर ढुलाई का काम करता था. बाद में उसने एक डंपर खरीदा और धीरे-धीरे  पत्थर खदानों के  कारोबार में उतर गया. स्थानीय एक आदिवासी महिला से शादी कर उक्त आदिवासी महिला की जमीन पर ही क्रेशर मशीन लगाकर कुछ ही बरसों में उसने कई  खदानों और कंपनियों का नेटवर्क खड़ा कर लिया.

    पुलिस की जांच किस दिशा में 

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है  कि बरामद कैश और सोना टुलू मंडल के नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है और सुरक्षा के लिहाज से  मीनार मंडल के घर पर रखा गया था. हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच जारी है.

    क्या पता लगा रही है पुलिस

    करोड़ों रुपए और सोना किसका है? धन का वास्तविक स्रोत क्या है? क्या अवैध पत्थर कारोबार या किसी अन्य आर्थिक अपराध से जुड़ा है? इस पूरे नेटवर्क में
    और कौन-कौन लोग शामिल हैं?

    मीनार मंडल की पत्नी का बड़ा दावा
    मामले में नया मोड़ तब आया जब मीनार मंडल की पत्नी मीडिया के सामने आई. उन्होंने दावा किया कि हमारा घर सिर्फ पेंशन से चलता है. हमारे पास इतना पैसा नहीं हो सकता. उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 1 वर्ष पहले टुलू मंडल कुछ लोहे के ट्रंक और अलमारियां उनके घर रख कर गया था. उसने परिवार से कहा था कि इनमें जरूरी दस्तावेज है. ट्रंक और अलमारियों की चाबियां भी उसी के पास थी. पत्नी का कहना है कि उनके पति को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी, फिर भी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

    कई मामले दर्ज हैं टुलू मंडल के खिलाफ
    अवैध पत्थर खनन के आरोप, राजस्व और रॉयल्टी में गड़बड़ी, फर्जी डीसीआर के जरिए कथित वसूली, वर्ष 2022 में एक हत्या के मामले में गिरफ्तारी एवं न्यूटाउन में 5 करोड़ कैश बरामद.

    बेटी की शाही शादी भी रही थी चर्चा में

    कुछ वर्ष पहले टुलू मंडल की बेटी की भव्य शादी भी सुर्खियों में रही थी. स्थानीय निवासी  शेख इब्राहिम के मुताबिक, इस शादी में बॉलीवुड और टॉलीवुड के कई कलाकार शामिल हुए थे. शादी में हुए करोड़ों की भारी खर्च को लेकर भी उस समय काफी चर्चाएं हुई थी.

    फिलहाल फरार है टुलू मंडल

    मीनार मंडल की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की नजर टुलू मंगल पर है. पुलिस उसकी तलाश में जगह-जगह  दबिश दे रही है. फिलहाल उसे  फरार बताया जा रहा है.