गढ़चिरौली आदिवासी आवासीय विद्यालय में बिस्तर नहीं, जमीन पर सो रही छात्राओं को सांप ने काटा, तीन की हुई मौत
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में जपतलाई स्थित आदिवासी आवासीय विद्यालय में बीते दिनों छात्रावास में जमीन पर सो रही 6 छात्राओं को जहरीले सांप ने काट लिया, जिसके बाद 8,12 और 14 साल की तीन बालिकाओं की मौत हो गई और तीन गंभीर हालत में अस्पताल में उपचार कर रही हैं. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह हृदयविदारक रिपोर्ट:-
गढ़चिरौली, 14 अगस्त 2026. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बीते दिनों गढ़चिरौली के एक शासकीय सहायता प्राप्त आदिवासी आवासीय विद्यालय का पंजीयन अस्थाई तौर पर रद्द करने का आदेश दिया है. इस विद्यालय में जहरीले सांप काटने से 3 छात्राओं की जान चली गई थी. यह घटना बीती रात को धनोरा तालुका के जपतलाई स्थित आदिवासी आवासीय विद्यालय छात्रावास में हुई.
छात्रावास में जमीन पर सो रही नाबालिग बालिकाओं को एक जहरीले सांप ने काट लिया. इनमें से 8,12 और 14 साल की 3 छात्राओं की मौत हो गई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विद्यालय छात्रावास में घटित घटना के समय 65 छात्राएं मौजूद थी. जहरीले सांप ने उनमें से 6 बालिकाओं को काट लिया. इनमें से 2 की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरी बालिका ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया. वहीं चौथी बालिका की हालत अभी भी गंभीर है और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है.
सूत्र बताते हैं कि सबसे नजदीकी अस्पताल विद्यालय से 10 किमी दूर पर है और बारिश के कारण पहले से जर्जर सड़क की हालत और बिगड़ गई थी, जिससे अस्पताल पहुंचने में काफी देरी हुई. जहरीले सांप के काटने वाली छात्राओं में शामिल 12 वर्षीय दीपिका मडावी को एयरलिफ्ट द्वारा नागपुर ले जाया गया. उसे अब शासकीय अस्पताल के बाल चिकित्सा केंद्र में भर्ती कराया गया है. चिकित्सकों के मुताबिक, उसकी हालत स्थिर है. जबकि घायल छात्राओं के साथ उसी छात्रावास में सो रही 15 अन्य छात्राएं भी सदमे में है और उन्हें निगरानी में रखा गया है.
सांप की पहचान कॉमन क्रेट के रूप में हुई, जिसे पकड़ कर मार दिया गया है. इस संदर्भ में बीते 26 वर्ष से इस विद्यालय में गणित और मराठी पढ़ा रहे शिक्षक अनिल सहारे बताते हैं कि जब यह घटना घटी, तो कोई वार्डन वहां मौजूद नहीं था. सहारे ने कहा, "हमने उस सुबह 'विश्व आदिवासी दिवस' मनाया था. उसके बाद चूंकि रविवार था, इसलिए टीचिंग स्टाफ घर चला गया. मेरा घर विद्यालय से करीब 2 किमी दूर है."
उधर, अतिरिक्त आदिवासी आयुक्त आयुषी सिंह ने पत्रकारों को बताया कि एक टीम विद्यालय का दौरा किया है और वहां की सुरक्षा एवं बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई खामियों की पहचान की है. वहीं घटना से संबंधित प्रधान शिक्षक और पुरुष - महिला वार्डन को नोटिस जारी किए गए हैं. इसके अलावा प्रबंधन के प्रतिनिधि को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. सिंह ने बताया, "हमने आदिवासी विकास विभाग के स्तर पर सुधारात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी है. इन आवासीय विद्यालयों के तीसरे पक्ष से ऑडिट के अलावा विदर्भ क्षेत्र के सभी शासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों का सत्यापन किया जाएगा.
उठाया था बिस्तरों की कमी का मुद्दा
गढ़चिरौली के जिला कलेक्टर अविश्यंत पांडा ने कहा, यह एक शासकीय सहायता प्राप्त निजी आवासीय विद्यालय हैं, जिसे एक ट्रस्ट चलाता है. उन्होंने निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया और रात में खिड़की खुली रखी थी. माना जा रहा है कि जहरीले सांप इसी खिड़की से अंदर आया होगा. जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस बीच सरकार ने मृतक छात्राओं के परिवारों को 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. वहीं मुख्यमंत्री राहत कोष से भी इतनी ही राशि देने की बात कही गई है.