• एक गांव, 8 मौतें और कई खुलासे; मजाक और छोटी-छोटी शिकायतों से नाराज होकर बना साइको किलर

    छत्तीसगढ़ के  बलौदाबाजार जिले के  गांव खर्वे में कुछ महीनो के भीतर हुई 8 लोगों की रहस्यमयी मौत के मामले में आज पुलिस ने बड़ा खुलासा किया. आरोपी ने बताया कि उसे छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आ जाता था और वह शराब में जहर मिलाकर  लोगों को पिला देता था और कुछ ही मिनट में उसकी मौत हो जाती थी. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ यह सनसनीखेज रिपोर्ट:-

    बलौदाबाजार, 23 जून 2026. यहां के कसडोल पुलिस इलाके के ग्राम सर्वे में 8 लोगों की सिलसिलेवार हत्या मामले में यहां की पुलिस ने मुख्य आरोपी रामसाय जायसवाल को गिरफ्तार किया है. आरोपी रामसाय जायसवाल ने पुलिस के सामने जुर्म कबूल करते हुए पूरी वारदात का सिलसिलेवार खुलासा किया है. पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश शर्मा ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का पत्रकारों के समक्ष खुलासा किया.

    पकड़ा गया 8 मर्डर करने वाला साइको किलर
    दरअसल, 6 जून 2026 को सीडीपीओ कसडोल को ग्राम सर्वे के ग्रामीणों द्वारा  फरवरी महीने से 14 मई तक गांव में 8 लोगों की  संदेहास्पद मृत्यु होने के संबंध में आवेदन दिया था, जिसमें उनके द्वारा गांव के ही व्यक्ति रामसहाय जायसवाल पर संदेह जताया गया था. वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल प्रारंभिक जांच शुरू की. प्रकरण में सभी 7 व्यक्तियों के शव खोदकर निकाले गए और पोस्टमार्टम के लिए मेकहारा अस्पताल रायपुर भेजा गया. डॉक्टरों की टीम के द्वारा रायपुर स्थित मेडिको लीगल संस्थान में विशेष टीम के द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया और  फॉरेंसिक जांच के सभी व्यक्तियों का डीएनए विसरा और अन्य सैंपल प्रिजर्व किया गया है. मृतकों में एक बुधराम जायसवाल के  शव का उनके परिजनों द्वारा दाह संस्कार कर दिया गया था.

    जांच के दौरान सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आ जाता था. इसके बाद उसने गांव के ही एक व्यक्ति से जहर लिया और शराब में मिलाकर लोगों को पिला देता था, जिससे उनकी मौत हो जाती थी. आरोपी ने कुल 9 लोगों को जहर देने का प्रयास किया, कुछ दिन में 8 की मृत्यु हो गई और एक व्यक्ति बच गया. पुलिस के मुताबिक, आरोपी  को गिरफ्तार कर लिया गया है और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है.

    मामूली विवाद में बन गया हत्यारा

    जांच के दौरान पुलिस के द्वारा प्रत्येक व्यक्तियों की मृत्यु से संबंधित सूक्ष्मता से जांच की गई. पुलिस की एक टीम जहां निरंतर ग्रामीण से पूछताछ कर सतत निगाह रखी हुई थी, वहीं, इसके समानांतर दूसरी टीम इस घटना से संबंधित तकनीकी साक्ष्य जुटाने प्रयास के प्रयास में लगी थी. इसी दौरान पुलिस टीम को जानकारी मिली कि अभियुक्त ने गांव के किसी व्यक्ति से चूहा मारने की दवा के नाम पर जहर हासिल किया है. संबंधित ग्रामीणों से पूछताछ और तकनीकी साक्षयों के आधार पर अभियुक्त से पूछताछ की गई.

    हालांकि, शुरू में उसने इंकार किया, लेकिन बारीकी से पूछताछ करने पर उसने जुर्म कबूल कर लिया. आरोपी ने अपने बयान में सभी मृतकों को पुरानी रंजिश, छोटी-छोटी शिकायतें, गाली गलौज और चारित्रिक संदेह के साथ ही टोना - टोटका के चलते एक के बाद एक हत्या करना स्वीकार किया है.

    कुल 8 हत्या और एक हत्या के प्रयास का आरोप 
    सभी घटनाओं के आधार पर अभियुक्त के विरुद्ध 8 हत्याएं एवं एक हत्या का प्रयास कुल 9 अपराधिक प्रकरण दर्ज कर विवेचना कार्रवाई की जा रही है. प्रदेश के बहुचर्चित  8 व्यक्तियों की सुनियोजित हत्या और हत्या के प्रयास का मामला पुलिस टीम द्वारा उत्कृष्ट दक्षता, सूझबूझ और संयम का परिचय देते हुए, जटिल अपराध को सफल तरीके से सुलझाने में कामयाब हुई है ऐसा पुलिस अधीक्षक बलौदाबाजार ओम प्रकाश शर्मा ने पत्रकारों को बताया है.

    3 महीने और 8 मौतें 
    जानकारी के मुताबिक, गांव खर्वे में संदिग्ध मौतों का सिलसिला 6 फरवरी 2026 को बद्री पटेल की मौत से शुरू हुआ और इसके बाद 20 फरवरी को बुढालु साहू की जान चली गई एवं 12 मार्च को बुधराम जायसवाल, 20 मार्च को छतूराम साहू और 31 मार्च को विनोद साहू की भी मौत हो गई. वहीं, 28 अप्रैल को गजानंद मांझी और 29 अप्रैल को चैतू राम साहू की भी जान चली गई. सबसे हालिया मौत 14 मई को मेहतरू साहू की हुई. महज 3 महीने के अंदर एक ही गांव में  8 लोगों की मौत के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण पुलिस थाना पहुंचे.

    ग्रामीणों का  दावा - 21 बलि की थी योजना
    मृतक छत्तूराम साहू के बड़े भाई और विनोद साहू के चाचा कामता प्रसाद ने आरोप लगाया कि जिन लोगों की मौत हुई, उन्हें अलग-अलग  समय पर रामसहाय जायसवाल ने शराब दी थी. उनका दावा है कि शराब पीने के कुछ ही समय बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और चंद मिनटों में मौत हो गई. कामता प्रसाद ने बताया कि गांव में लगातार हो रही मौतों के बाद चर्चा है कि मिट्टी के अंदर गड़े धन को पाने की लालच में 21 लोगों की बलि देने की योजना बनाई गई थी. ग्रामीणों के बीच भी यह बात कही जा रही थी कि अब 8 लोगों की मौत हो चुकी है और 13 लोग अभी बाकी हैं. उन्होंने दावा किया था कि जिन लोगों की मौत हुई, उन्हें सीधे रामसहाय जायसवाल ने या फिर किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से शराब उपलब्ध कराई गई थी.

    8 की मौतें, ग्रामीणों ने कराई शांति पूजा, बकरों - मुर्गों की बलि देने वाले बैगा की भी गई जान
    छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले  में पिछले तीन महीनों में हुई रहस्यमयी मौतों से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों की मांग पर पुलिस ने 7 शवों को कब्र से निकलवा कर पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए रायपुर भेजा था. इन मौतों को लेकर गांव में तंत्र-मंत्र, गड़ा धन और मानव बलि की आशंकाओं को लेकर चर्चा जोरों पर है. इस बीच कसडोल पुलिस ने आरोपी रामसहाय के खिलाफ हत्या के 8 और जहर देने की धारा के तहत कुल 9 प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है.