• केरल में आरजेडी का खुला खाता,  कौन है पीके प्रवीण?

    केरल विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल यानी राजद ने पहली बार  जीत दर्ज की है. पार्टी के प्रत्याशी पीके प्रवीण कुमार ने कुथुपरम्बा सीट से जीत हासिल की है. केरल में आरजेडी का खुला खाता,  कौन है पीके प्रवीण? समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ यह खास रिपोर्ट..

    तिरुवनंतपुरम, 5 मई 2026. राजद की यह जीत इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पार्टी की पहचान अब तक मुख्य तौर पर बिहार की राजनीति से जुड़ी रही है. चुनाव आयोग के मुताबिक, पीके प्रवीण ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग यानी आईयूएमएल की उम्मीदवार जयंती राजन को 1286 वोटों से हराया है. प्रवीण कुमार को कुल 70,448 वोट मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार सीजी लाल तीसरे स्थान पर रहे. उन्हें 22195 वोट मिले.

    कौन है पीके प्रवीण 

    आरजेडी  वामपंथी लोकतांत्रिक मोर्चा यानी एलडीएफ का सहयोगी दल है. इसी गठबंधन के तहत राजद ने इस चुनाव में तीन सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे. इनमें आरजेडी को  कुथुपरम्बा सीट पर जीत मिली, जबकि दो सीटों पर पार्टी दूसरे नंबर पर रही. पीके प्रवीण कारोबारी हैं और उन्होंने अन्नामलाई यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन और एमफिल की पढ़ाई की है.

    चुनावी हलफनामे के मुताबिक, प्रवीण के पास 3:15 करोड़ यूपीएससी अधिक की संपत्ति है. इसमें 1.33 करोड़ रुपए की चल संपत्ति  और 2.05 करोड़ रुपए की  अचल संपत्ति शामिल हैं. हालांकि, उन पर करीब 15 लाख रुपए की देनदारी भी है. हलफनामे के मुताबिक, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि साफ छवि और शैक्षणिक पृष्ठ भूमि ने मतदाताओं के बीच उनका भरोसा बनाने में मदद की.

    केरल में राजद की मौजूदगी

    इस चुनाव में बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी एलडीएफ के समर्थन में चुनाव प्रचार किया था. इससे पहले उन्होंने 16 मार्च को पटना में कहां था कि "केरल में हमारी पार्टी एलडीएफ के हिस्से के तौर पर विधानसभा चुनाव लड़ रही है. अतीत में भी हमारी पार्टी की केरल विधानसभा में मौजूदगी रही है. हमें उम्मीद है कि हम  राज्य में एलडीएफ को सत्ता बरकरार रखने में मदद करेंगे."

    केरल की राजनीति में कांग्रेस और सीपीएम लंबे समय से एक दूसरे के प्रतिद्वंद्वी रहे हैं. लेकिन बिहार में यही दोनों दल महागठबंधन के तहत साथ रहे हैं. आरजेडी इससे पहले भी केरल में स्थानीय निकाय चुनावों में कुछ सीटें जीत चुकी है. पिछले साल दिसंबर में हुए केरल के लोकल बॉडी चुनाव में राजद ने कल 63 सीटें जीती थी. जबकि 2021 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने केरल के वायनाड की कल्पेट्टा, कोझीकोड की वडकारा और कन्नूर की कुथुपरम्बा सीट पर चुनाव लड़ा था.

    राजनीतिक जानकारों का कहना है  कि केरल जैसे प्रदेश में राजद की यह जीत  प्रतीकात्मक रूप से अहम मानी जा रही है, क्योंकि इससे पार्टी को बिहार से बाहर अपनी मौजूदगी दिखाने का मौका मिला है. ये इसलिए भी अहम है क्योंकि हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनावों में उसे करारी हार का सामना करना पड़ा था. 140 सदस्यों वाली केरल विधानसभा के  चुनावों में कांग्रेस से सबसे अधिक 63 सीटों पर जीत दर्ज की है. वहीं, सीपीएम 26 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर हैं. जबकि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग को 22 सीटों पर सफलता मिली है.