• विद्या रतन शर्मा फिर से बने प्रबंध निदेशक; जिन्दल स्टील लिमिटेड में बड़े पदों पर हुईं कई नियुक्तियां

    उद्योगपति नवीन जिन्दल के नेतृत्व वाली कंपनी जिंदल स्टील लिमिटेड ने 24 जुलाई, 2026 को आयोजित अपनी निदेशक मंडल की बैठक के बाद महत्वपूर्ण नियुक्तियों की घोषणा की।

    नई दिल्ली, 24 जुलाई 2026। जिंदल स्टील लिमिटेड ने विद्या रतन शर्मा को दो साल की अवधि के लिए अतिरिक्त निदेशक और प्रबंध निदेशक नियुक्त किया है। शुक्रवार को कंपनी बोर्ड की बैठक में यह निर्णय लिया गया। विद्या रतन शर्मा, जो एक प्रतिष्ठित उद्योग विशेषज्ञ हैं और जिन्होंने पहले 2019 से 2022 तक प्रबंध निदेशक तथा 2010 से 2014 तक डिप्टी एमडी एवं सीईओ के रूप में कार्य किया है, वे जिंदल स्टील को विकास के अगले चरण में ले जाने के लिए नियुक्त किये गए हैं।

    मुख्य कार्यकारी एवं वरिष्ठ नेतृत्व नियुक्तियां

    अपने कार्यकारी नेतृत्व तंत्र को मजबूत करने और अपने बढ़ते कारोबार को समर्थन देने के व्यापक प्रयास के तहत, जिंदल स्टील लिमिटेड ने 24 जुलाई, 2026 से प्रभावी निम्नलिखित प्रमुख नियुक्तियों की भी घोषणा की:
    ● संदीप मोदी को मुख्य वित्तीय अधिकारी और प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक के रूप में नियुक्त किया गया है।मोदी के पास दो दशकों से अधिक का वित्तीय नेतृत्व का अनुभव है। वे इससे पहले हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड, भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड और तलवंडी साबो पावर लिमिटेड के सीएफओ के रूप में कार्य कर चुके हैं। इस नियुक्ति के परिणामस्वरूप, अंतरिम सीएफओ के रूप में कार्य कर रहे सुनील अग्रवाल अब वित्त विभाग में ही अन्य महत्वपूर्ण काम देखेंगे।
    ● राजीव कुमार को मुख्य परिचालन अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। कुमार एक धातुकर्म इंजीनियर हैं, जिन्हें स्टील क्षेत्र में नेतृत्व का 35 से अधिक वर्षों का अनुभव है—जिसमें वेदांता एल्युमिनियम के सीईओ और टाटा स्टील में वीपी ऑपरेशन्स (कलिंगनगर) जैसी भूमिकाएं शामिल हैं। वे सभी संयंत्रों और खनन स्थलों के परिचालन की देखरेख करेंगे।
    ● सुखजीत एस. पसरीचा को मानव संसाधन प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया है। इंडिगो, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनेंस और एयरटेल जैसे प्रमुख ब्रांडों में लगभग 30 वर्षों का एचआर अनुभव रखने वाले पसरीचा टैलेंट ट्रांसफॉर्मेशन एजेंडे का नेतृत्व करेंगे।
    ● एस एस कोठारी मेहता एंड कंपनी एलएलपी को आगामी 47वीं एजीएम के समापन से 52वीं एजीएम तक 5 साल की अवधि के लिए वैधानिक लेखा परीक्षक के रूप में अनुशंसित किया गया है, जो शेयरधारकों के अनुमोदन के अधीन है।