'80 फ़ीसदी महिलाओं को...,' पुणे कार्यक्रम के दौरान क्या बोले राहुल गांधी
महाराष्ट्र के पुणे में शनिवार को आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि 80 फ़ीसदी महिलाएं उत्पीड़न का सामना करती हैं. उन्होंने महिलाओं को देश की सबसे बड़ी पूंजी बताया. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट:-
पुणे, 23 अगस्त 2026. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के पुणे में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को लेकर बात की. इस दौरान उन्होंने छात्राओं की समस्याएं भी सुनी और उनके लिए आवाज भी उठाई. राहुल गांधी ने कहा कि समाज में महिलाओं को जो देश की सबसे बड़ी संपत्ति है, आगे बढ़ने से रोकने के लिए हिंसा का इस्तेमाल किया जाता है.
राहुल गांधी ने मंच पर छात्राओं से मुलाकात की और छात्राओं ने भी उन्हें अपनी समस्याएं बताई. इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि 80 फ़ीसदी महिलाएं उत्पीड़न का सामना करती हैं. महाराष्ट्र के पुणे में शनिवार (22 अगस्त) को अपनी पार्टी के युवा संपर्क कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज ' में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि महिलाओं को अपने लिए खड़ा होना चाहिए और खुद पर भरोसा रखना चाहिए.
राहुल गांधी से बातचीत के दौरान छात्राओं ने बताया कि कैसे यौन उत्पीड़न, निजी सुरक्षा की चिंता, सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन की कमी और आर्थिक तंगी जैसी समस्याएं महिलाओं की शिक्षा और आर्थिक आजादी तक पहुंच को प्रभावित करती हैं. राहुल ने बताई हिंदुस्तान की सबसे बड़ी ताकत राहुल गांधी ने कहा कि हिंदुस्तान की सबसे बड़ी ताकत क्या है? कोई कहेगा-इकोनॉमी, कोई कहेगा हमारी मिलिट्री, कोई कहेगा हमारा मेडिकल सिस्टम लेकिन मैं पूरी तरह स्पष्ट हूं कि भारत की सबसे बड़ी ताकत क्या है और वो है हमारे देश की 70 करोड़ यूनिक महिलाएं.
कुछ लोग कहेंगे कि ऐसा कैसे? उन्होंने बताया कि महिलाएं अपने स्वभाव से अधिक सेंसिटिव हैं, अधिक सज्जन हैं और अधिक कंपेसिनेट हैं. राहुल गांधी ने कहा कि पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं अधिक फॉरवर्ड हैं.
कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत की महिलाएं यंग है और वो ही हिंदुस्तान की सबसे बड़ी पूंजी है लेकिन एक समस्या है कि जब भी हम किसी पुरुषों से बात करते हैं तो महिलाओं को तीन बॉक्सेज में रखा जाता है. पहला है बेटी, दूसरा है पत्नी और तीसरा है मां. राहुल गांधी ने कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है लेकिन यह आपकी सिर्फ एक पहचान नहीं हो सकती. हमारे देश में प्रतिभाशाली महिलाओं की कमी नहीं है.