सीईओ, लिपिक और चपरासी रिश्वत लेते गिरफ्तार, सरपंच से किसी 2 लाख रुपए की मांग
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है. टीम ने जनपद पंचायत सीईओ, लिपिक और चपरासी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह रिपोर्ट:-
सक्ती, 16 जून 2026. छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है. टीम ने रिश्वत लेने के आरोप में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ( सीईओ), लिपिक और एक चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है. अधिकारी ने पंचायत के विकास के लिए जारी फंड को निकालने के एवज पैसे की मांग की थी.
मामले की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि एंटी करप्शन ब्यूरो ने सक्ती जिले में कार्रवाई कर जनपद पंचायत के सीईओ निखिल कश्यप, लिपिक अविनाश ठाकुर और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी लच्छन भानु को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया.
सरपंच से की थी रिश्वत की मांग
अरुण भारद्वाज ने एंटी करप्शन ब्यूरो के बिलासपुर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी मां जिले के लिमतरा गांव की सरपंच हैं. प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत पंचायत के लिए निर्मला घाट और ड्रेनेज निर्माण कार्य के लिए 20 लाख रुपए स्वीकृत हुआ था, जिसमें से 8 लाख रुपए का चेक जनपद पंचायत सक्ती की ओर से जारी हो चुका है. शेष 12 लाख रुपए का चेक जारी कराने के लिए उसकी मां ने उसे जनपद पंचायत सक्ती जाकर आगे की कार्रवाई के लिए अधिकृत किया था.
2 लाख रुपए की डिमांड की
इस संबंध में अधिकारियों ने बताया कि जब अरुण ने शेष बचे 12 लाख रुपए का चेक जारी करने के लिए सीईओ निखिल कश्यप और उनके लिपिक अविनाश ठाकुर से निवेदन किया तब उन्होंने चेक जारी करने के एवज में 2 लाख रुपए रिश्वत की मांग की.
जांच कर कराया गया सत्यापन
उन्होंने बताया कि प्रार्थी की शिकायत के बाद उसका सत्यापन कराया गया. सत्यापन के दौरान आरोपी अविनाश ठाकुर अपने कार्यालय के चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी लच्छन के माध्यम से पहले ही 1 लाख रुपए ले चुका था. शेष एक लाख रुपए की राशि देने के लिए सोमवार को प्रार्थी को जनपद कार्यालय सक्ती भेजा गया.
पैसे लेते रंगे हाथों पकड़े गए
सीईओ निखिल कश्यप ने रिश्वत के 1 लाख रुपए को लिपिक अविनाश ठाकुर को लेने के लिए कहा तथा ठाकुर ने उसे लच्छन को लेने के लिए कहा. खबर है कि जैसे ही चपरासी लच्छन ने पैसा लिया तभी मौजूद वहां एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ( एसीबी ) यह टीम ने तीनों को रंगे हाथों दबोच लिया. अधिकारियों ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है.