• रायगढ़ में जेल दाखिला के तीसरे दिन युवक की संदिग्ध मौत, पिता बोले- ₹40000 नहीं देने पर पुलिस ने पीट- पीटकर मार डाला

    रायगढ़ में अवैध शराब बेचने के आरोप में कोतरारोड  थाने की पुलिस ने 10 जून को दो युवकों को पकड़ा। परिजनों का आरोप है कि एक युवक को 40 हजार लेकर छोड़ दिया और दूसरे युवक से भी 40 हजार मांगे पैसे नहीं देने पर उसके साथ मारपीट की गई। 10 जून को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। जहां तीन दिन बाद युवक की हालत बिगड़ गई और रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में तड़प- तड़प कर दम तोड़ दिया। 

    रायगढ़, 16 जून 2026। जिला जेल में निरुद्ध बंदी की तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में उपचार के दौरान मौत होने के मामले ने रविवार को और तूल पकड़ लिया था। सुबह मृतक संजय बघेल के परिजनों सहित ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय पहुंच कर शराब रेड के दौरान गये पुलिसकर्मियों पर 40 हजार रुपए रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई करने तथा पूरे मामले की न्यायिक जांच करने की मांग करने लगे। वहीं पुलिस अधीक्षक कार्यालय से निकल कर वे सभी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे जहां उनकी मांग पूरी होने तक पोस्टमार्टम नहीं कराने की जिद पर अड़े रहे। इसी बीच उनके समर्थन में भीम आर्मी के सदस्य भी उनके समर्थन में उतर गये।

    वहीं परिजनों के भारी विरोध के बाद प्रशासन की ओर से उन्हें न्यायिक जांच का आश्वासन देते हुए मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में पोस्टमार्टम कराने तथा कोतरा रोड थाने में पदस्थ जिन पुलिस कर्मियों पर रिश्वत लिये जाने का कथित रूप से आरोप लगाया जा रहा है उन्हें लाईन अटैच करते हुए जांच करवाने की बात कहे जाने के बाद कहीं जाकर पीएम कराने के लिए वे राजी हुए। अवैध शराब के मामले में जिला जेल में निरुद्ध संजय बघेल की मौत होने के मामले में रविवार को भी दिन भर हंगामा मचा। शनिवार का हुए बवाल के कारण मृतक का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था। रविवार की सुबह अधिकारी मेकाहारा में पोस्टमार्टम के लिए परिजनों का इंतजार कर रहे थे लेकिन मृतक संजय बघेल के परिजन सहित ग्राम नावापारा के सरपंच व ग्रामीण भारी संख्या में सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे।

    जानिए पूरा मामला..

    दरअसल, 10 जून को कोतरारोड थाना क्षेत्र के नवापारा गांव निवासी संजय बघेल (28) को अवैध शराब बिक्री के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा था। शनिवार सुबह जेल में उसकी तबीयत खराब हो गई। इसके बाद जेल प्रशासन ने उसे फौरन रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में इलाज के दौरान दोपहर में उसकी मौत हो गई, जिसकी खबर मिलते ही रिश्तेदार और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए।

    उन्होंने अचानक हुई मौत पर सवाल उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। रिश्तेदारों का आरोप है कि जेल में संजय बघेल के साथ मारपीट की गई थी, जिसके कारण उसकी मौत हुई। उनका यह भी कहना है कि घटना के कई घंटे बाद तक उन्हें शव देखने की अनुमति नहीं दी गई।

    समझाइश के बाद शांत हुए रिश्तेदार और ग्रामीण

    स्थिति को देखते हुए पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने रिश्तेदारों और ग्रामीणों को समझाइश दी। अधिकारियों ने बताया कि मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव दिखाया जाएगा। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीण शांत हुए। फिलहाल, मामले की जांच की जा रही है और मौत के कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

    पिता ने कहा- दूसरे को पैसा लेकर छोड़ा

    संजय के पिता प्यारे लाल बघेल ने बताया कि 3 दिन पहले गांव में सामाजिक कार्यक्रम था। इसी कार्यक्रम में बेटा शामिल होने गया था। उसी दौरान शंभू चौहान नाम के पुलिसकर्मी ने संजय और एक अन्य युवक को पकड़ लिया था। ₹40000 लेकर एक युवक को छोड़ दिया गया। जबकि पैसे नहीं देने पर पहले संजय के साथ मारपीट की गई फिर जेल भेज दिया। जिससे 3 दिन बाद उसकी मौत हो गई।