मृत पति की जमा राशि निकालने के एवज़ में मांगी रिश्वत, जिला सहकारी बैंक की मैनेजर की वीडियो वायरल, सस्पेंड
भाटापारा, 16 जून 2026। निपनिया सहकारी बैंक में मृतक खाताधारक की राशि भुगतान के एवज में कथित रिश्वत मांगने के केस में कार्रवाई हुई है. जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शाखा प्रबंधक अनिता पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर हुई प्रारंभिक जांच में आरोप प्रमाणित पाए गए, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है.
सोशल मीडिया में वीडियो वायरल होने और शिकायत की प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद प्रभारी शाखा प्रबंधक अनिता पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. जिला प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पूरे जिले में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या संरक्षण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
क्या था पूरा मामला?
ग्राम निपनिया निवासी खेलन बाई सतनामी ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके दिवंगत पति रूपदास सतनामी के बैंक खाते में जमा राशि दिलाने के लिए शाखा प्रबंधक द्वारा रिश्वत मांगी गई. महिला के पति का करीब एक वर्ष पहले निधन हो चुका था. उनके खाते में लगभग 1 लाख 10 हजार रुपये जमा थे. महिला का आरोप था कि राशि भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के बदले पहले 10 हजार रुपये और बाद में 5 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई. शिकायत के साथ कथित लेन-देन से जुड़ा वीडियो भी प्रशासन को सौंपा गया था. मामला सामने आते ही बैंक प्रबंधन और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे थे.
कलेक्टर के निर्देश पर हुई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने तत्काल जांच के निर्देश दिए. शिकायत मिलने के बाद प्रारंभिक जांच नोडल अधिकारी के माध्यम से कराई गई। जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों का परीक्षण किया गया. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जांच में शाखा प्रबंधक के विरुद्ध लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए. इसी आधार पर जिला प्रशासन ने कठोर कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्णय लिया.
तत्काल प्रभाव से निलंबन
जारी आदेश के अनुसार जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की निपनिया शाखा की प्रभारी शाखा प्रबंधक अनिता पाण्डेय को बैंक कर्मचारी सेवा नियम 60(3) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. निलंबन अवधि के दौरान उन्हें महासमुंद स्थित नोडल कार्यालय में संलग्न किया गया है. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि में वे बिना सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगी.