कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, बीजेपी ने बताया सत्य की जीत
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हो गया है. बीजेपी ने जहां इसे सत्य की जीत बताया है, वहीं, कांग्रेस ने इसे 'सीट चोरी ' कहा है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट :-
भोपाल, 9 जून 2026. बीजेपी ने निर्वाचन अधिकारी के आगे मंगलवार की सुबह आपत्ति दर्ज कराई थी. बीजेपी का आरोप था कि मीनाक्षी नटराजन ने एक कानूनी मामले के बारे में नामांकन दस्तावेजों में सही जानकारी नहीं दी थी. इसके बाद मंगलवार शाम को अपनी आदेश में रिटर्निग अधिकारी अरविंद शर्मा ने कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद पाया गया कि मीनाक्षी नटराजन ने नामांकन के साथ जमा किए गए फार्म 26 में "उक्त न्यायालय परिवाद का उल्लेख नहीं करके अपना शपथ पत्र अपूर्ण प्रस्तुत किया है."
नामांकन रद्द होने के बाद मध्य प्रदेश के मंत्री और बीजेपी के नेता राकेश सिंह ने इसे सत्य की जीत बताते हुए कहा कि मीनाक्षी नटराजन ने जो जानकारियां दी थी वो गलत थी और उन्होंने मामले को छिपाया था. जबकि कांग्रेस ने नामांकन रद्द होने को 'सीट चोरी ' बताते हुए कहा है कि मीनाक्षी के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है.
रिटर्निंग अधिकारी ने क्या बताया?
नामांकन निरस्तीकरण के आदेश के मुताबिक, जिस मामले का जिक्र भाजपा द्वारा शिकायत में किया गया है उसमें अदालत पहले ही संज्ञान ले चुकी है और नटराजन को पेश होने के लिए समन भी जारी किए जा चुके हैं इसलिए "मामला न्यायालय में चल रहा है यह सिद्ध पाया गया." रिटर्निंग अधिकारी ने यह भी कहा कि नटराजन ने उस मामले में अदालत के सामने अपना जवाब भी दाखिल किया है, जिससे "उन्हें इस प्रकरण की पूर्ण जानकारी सिद्ध पाया गया है."
आदेश में कहा गया है कि निर्वाचन आयोग के नियम के तहत "अधूरा अपूर्ण एफिडेविट फार्म 26 रखा जाना और अभ्यर्थी द्वारा तथ्यों को छुपाया जाना" उनके खिलाफ सिद्ध पाया गया. अधिकारी के मुताबिक, इससे मतदाताओं को उम्मीदवार के बारे में पूरी जानकारी नहीं मिल पाती. इसी आधार पर निर्वाचन आयोग के निर्देश के तहत मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया है.