• समान नागरिक संहिता में पेंशनरों और वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों को कानूनी संरक्षण देने की मांग

    रायपुर, 27 सितम्बर 2026। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ की छत्तीसगढ़ प्रदेश इकाई ने राष्ट्रीय समान नागरिक संहिता (यू. सी. सी.) के तहत बनाए जाने वाले कानून में पेंशनरों और वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और हितों को स्पष्ट कानूनी संरक्षण देने की मांग की है। इस संबंध में महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने 25 सितंबर की  शाम न्यू सर्किट हाउस, रायपुर के कक्ष क्रमांक 203 में आयोजित बैठक में  प्रस्तावित  समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति से संबंधित जन-परामर्श उप समिति के अध्यक्ष एम.के. राउत से मुलाकात कर उन्हें 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।बैठक में समान नागरिक संहिता के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति के सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार एवं शिक्षाविद् ज्योति सिंह भी उपस्थित रहीं। 

    इस अवसर पर महासंघ के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन के सभी सुझावों के औचित्य पर एम.के. राउत के साथ विस्तार से चर्चा की और विश्वास जताया कि वरिष्ठ नागरिकों, पेंशनर्स एवं उनके परिवारों से जुड़े इन महत्वपूर्ण विषयों को प्रस्तावित समान नागरिक संहिता में समुचित स्थान दिया जाएगा।

    बैठक में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव के साथ प्रदेश महामंत्री अनिल गोल्हानी, प्रदेश संगठन मंत्री टी.पी. सिंह, प्रदेश कार्यालय मंत्री बी.आर. रावत तथा जिला रायपुर अध्यक्ष आर.जी. बोहरे उपस्थित थे।
         
    महासंघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्तमान में भारतीय प्रशासनिक सेवा, बिजली विभाग तथा न्यायिक सेवा के पेंशनर्स एवं परिवार पेंशनर्स को केंद्र के अनुरूप देय तिथि और दर से डीआर का भुगतान किया जाता है, जबकि राज्य के अन्य पेंशनर्स को समान आधार पर भुगतान नहीं मिल रहा है। इस अंतर को समाप्त करने के लिए कानूनी व्यवस्था किए जाने का प्रस्ताव ज्ञापन में शामिल किया गया है।

    महासंघ ने  समान नागरिक संहिता में वरिष्ठ नागरिकों एवं पेंशनर्स के हितों की विशेष सुरक्षा का प्रावधान करने की मांग की है। वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानपूर्वक जीवन, सुरक्षा एवं भरण-पोषण का स्पष्ट कानूनी अधिकार देने तथा माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल की पारिवारिक जिम्मेदारी को प्रभावी एवं स्पष्ट बनाने का सुझाव दिया गया है।