राम मंदिर में 'चंदा चोरी ': कैसे खुला राज, एसआईटी जांच, गोबर में छिपा लाखों कैश..
अयोध्या राम मंदिर में चंदा/ दान राशि गबन के आरोपों ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है. ट्रस्ट के ऑडिट और सीसीटीवी जांच में अनियमितताओं के बाद दो कर्मचारियों पर संदेह हुआ और उनके पास से कैश बरामद हुआ. विपक्षी नेताओं ने सरकार पर सवाल उठाए . जिससे मामला सुर्खियों में आ गया. वहीं अब मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट:-
लखनऊ, 16 जून 2026. अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला इन दिनों सुर्खियों में है. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के आरोपों के बाद यह विवाद राजनीतिक रंग ले चुका है. मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी और उनके पास से लाखों रुपए कैश बरामद होने के बाद जांच तेज कर दी गई है. उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे प्रकरण की तह तक पहुंचने के लिए 3 सदस्यीय एसआईटी (एसआईटी ) का गठन किया है.
ऐसे में इस विवाद का शुरुआत कैसे हुई और अब तक क्या-क्या घटनाक्रम सामने आए हैं?
ऐसे हुई विवाद की शुरुआत जून की शुरुआत में अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा किए गए ऑडिट के दौरान दानपात्र से कैश और अन्य वस्तुओं के गायब होने की आशंका सामने आई. इसके बाद मंदिर परिसर और दानपात्र के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की गई. फुटेज में एक कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध दिखाई दी, जिसके आधार पर आंतरिक स्तर पर जांच शुरू की गई. शुरुआत में मामले को गोपनीय रखा गया.
7 जून को अखिलेश यादव की एंट्री से सुर्खियों में आया मामला
राम मंदिर चंदा चोरी मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 7 जून को योगी सरकार पर हमला बोला. उन्होंने एक प्रेस वार्ता करके कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के चढावे को लेकर जो जानकारी सामने आई है, वह बेहद गंभीर चिंता का विषय है. अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि यदि डबल इंजन सरकार की निगरानी व्यवस्था इतनी प्रभावित होती और दूरबीन व ड्रोन सही तरीके से काम कर रहे होते, तो विपक्ष को सवाल उठाने का मौका ही नहीं मिलता. उन्होंने कहा कि चढ़ावे में चोरी होगी तो उसकी शिकायत भी होगी.
इसके बाद अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने भी योगी सरकार पर निशाना साधा. संजय सिंह ने कहा कि राम मंदिर जैसे आस्था के केंद्र में धन राशि की कथित चोरी बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच होनी चाहिए. उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए पूरे मामले की सच्चाई जांच सामने लाने की बात कही.
10 जून को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कही जांच करने की मांग
अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी की बात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने मानी है. कानपुर-- बुंदेलखंड क्षेत्र के तीन दिवसीय दौरे के दौरान पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने कहा कि मामले की जांच सरकार करा रही है. सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है. उन्होंने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक, सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसी को भी बक्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति क्यों ना हो. राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इससे जुड़े किसी भी मामले में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है.
13 जून को सीएम योगी के आदेश के बाद एसआईटी गठित
13 जून को अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने बीते शनिवार को अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के चंदे और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यों वाली विशेष जांच टीम बनाई है. अधिकारियों के मुताबिक, एसआईटी का गठन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर किया गया. यह कदम 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' के अनुरोध पर उठाया गया, जिसने इसे " गलत जानकारी को रोकने और सच सामने लाने " के लिए जरूरी बताया और आरोप लगाया कि राम मंदिर की छवि खराब करने की कोशिशें की जा रही है.
13 जून को मामले में हुई दो कर्मचारियों की गिरफ्तारी
जांच के दौरान 13 जून को मंदिर में चढावे की राशि गिनती करने वाले कर्मचारी लव कुश मिश्रा के घर से करीब 10 लाख रुपए कैश बरामद किए गए हैं. बताया जा रहा है कि कुछ रकम घर की अलमारी में रखी हुई मिली, जबकि कुछ कैश गोबर के ढ़ेर में दबाकर छिपाई गई थी. बरामद धनराशि के स्रोत को लेकर गहन जांच जारी है.