• फूट - फुटकर  रोई DSM की पत्नी, बोली - पति को पीटने वाले आरपीएफ जवान को बर्खास्त करें वरना जान दे दूंगी

    आगरा में रेल उप स्टेशन प्रबंधक नरेंद्र सिंह चाहर की आरपीएफ जवानों द्वारा पिटाई के विरोध में उनका परिवार और रेल कर्मचारी सड़कों पर उतर आए हैं. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह रिपोर्ट:-

    आगरा, 15 जुलाई 2026. रेलवे  उप स्टेशन प्रबंधक नरेंद्र सिंह चाहर की पिटाई के विरोध में उनका पूरा परिवार सड़कों पर उतर आया है. वहीं डीआरएम कार्यालय पहुंच कर जहां उप स्टेशन प्रबंधक की पत्नी हरेंद्र ने पति के सम्मान की रक्षा के लिए जान तक देने की बात कही है. दूसरी तरफ नरेंद्र सिंह चाहर की बहन सहित आधा दर्जन से अधिक महिलाओं ने आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पहुंच गई और रेलवे ट्रैक पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. जानकारी के मुताबिक, कई महिलाएं पटरी पर लेट गई और रेलवे सुरक्षा बल के जवानों को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की.

    रेल कर्मचारियों ने दी ट्रेनों को ठप करने की चेतावनी
    हालांकि, आगरा रेल मंडल प्रबंधक इसके लिए एक से दो घंटे का समय भी मांगा है, ताकि समस्या का समाधान हो सके. लेकिन रेल कर्मचारियों ने ट्रेनों को ठप करने की चेतावनी देते हुए उप स्टेशन प्रबंधक नरेंद्र सिंह के समर्थन में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग भी आ गए हैं.

    रविवार को हुई थी घटना
    बताते हैं कि, घटना रविवार सुबह 11 बजे की है, जब कैंट रेलवे प्लेटफार्म संख्या 1 पर हीराकुंड एक्सप्रेस रुकी हुई थी. तभी आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर मेघराज मीणा, बालकिशन, सिपाही जितेंद्र और बदन सिंह समेत अन्य जवान  चेन पुलिंग के आरोप में बी - 3 कोच में  सवार भुवनेश्वर निवासी आशीष कुमार और उनकी पत्नी रंजीता को पकड़ कर ले जाने लगे. लेकिन प्लेटफार्म पर मौजूद डीएसएम नरेंद्र सिंह चाहर ने इसका विरोध किया.

    यात्री ने बताई थी  ये बात 
    आरपीएफ जवानों को कई यात्रियों ने बताया कि उक्त महिला यात्री चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास कर रही थी. हादसे की आशंका पर उन्होंने ट्रेन के गार्ड से  वॉकी - टॉकी पर बात करके ट्रेन को रोकने को कहा. यात्री आशीष कुमार का भी यही कहना था कि उनकी पत्नी रंजीता ट्रेन रुकने पर कुछ सामान लेने उतरी थी. इसी दौरान ट्रेन चल दी, इससे वह घबरा गई और दौड़ लगाते हुए चलती गाड़ी में चढ़ने का प्रयास करने लगी.

    नरेंद्र सिंह और आरपीएफ जवानों के बीच हुई थी तड़का - भड़की 

    सूत्र बताते हैं कि आरपीएफ जवान  बी - थ्री कोच से चेन पुलिंग का आरोप लगा रहे थे. जिसे लेकर डीसीएम नरेंद्र सिंह चाहर  और आरपीएफ जवानों के बीच जोरदार तड़का- भड़की हो गई. यही मामला बिगड़ गया और आरपीएफ जवानों ने डीसीएम का  कॉलर पकड़ लिया और मारपीट करते हुए रेलवे पुलिस थाने की ओर ले जाने लगे. खबर है कि आरपीएफ जवानों द्वारा रेलवे स्टेशन उप प्रबंधक (डीएसएम ) की पिटाई से वहां अफरा - तफरी मच गई और इतना बड़ा तनाव बढ़ गया.