मुंद्रा पोर्ट से 19 करोड़ की नकली सिगरेट बरामद, टॉयलेट टिश्यू के नाम पर धोखे का था प्लान
गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर सिंगापुर से आए एक कंटेनर में छिपाई गई 19.87 करोड रुपए की नकली सिगरेट जब्त की गई है. आयात दस्तावेजों में इसे टॉयलेट टिश्यू के तौर पर दिखाया गया था. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह विशेष रिपोर्ट:-
अहमदाबाद, 3 मई 2026. गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह से नकली सिगरेट की तस्करी का मामला सामने आया है. डीआरआई ने सिंगापुर से टॉयलेट टिश्यू के तौर पर लाई गई 19.87 करोड रुपए की नकली सिगरेट जब्त की है. मुंद्रा बंदरगाह से एक बार फिर बड़े पैमाने पर तस्करी का भंडाफोड़ हुआ है. डीआरआई (राजस्व खुफिया निदेशालय ) की अहमदाबाद क्षेत्रीय इकाई ने सिंगापुर से आए एक कार्गो कंटेनर में छिपाई गई नकली सिगरेट जब्त की है, जिसकी कीमत करीब 19.87 करोड़ रुपए आंकी गई है. सूचना के आधार पर अधिकारियों ने मुंद्रा बंदरगाह पर सिंगापुर से आ रहे कंटेनर को रोका. बताया जा रहा है कि माल उत्तर प्रदेश के दादरी भेजा जाना था. आयात दस्तावेजों में माल को शौचालयों में इस्तेमाल होने वाले टॉयलेट टिश्यू के तौर पर घोषित किया गया था.
बता दें कि जब भी कोई माल विदेश से भारत में आयात किया जाता है, तो सीमा शुल्क विभाग को एक फॉर्म जमा करना होता है. इस फॉर्म को बिल का एंट्री कहा जाता है. इस कंटेनर के लिए बिल ऑफ एंट्री अभी तक दाखिल नहीं किया गया था, जो संदिग्ध प्रतीत हुआ. 28 अप्रैल को कंटेनर की जांच करने पर उसमें गोल्ड फ्लैक ब्रांड वाली 82.80 लाख सिगरेटें मिली. हालांकि, आईपीआर प्रतिनिधि ने जांच में पाया कि ये सभी सिगरेटें नकली थी. एवं जानबूझकर कंटेनर के लिए बिल ऑफ एंट्री दाखिल नहीं किया गया था और यह दिखाया गया था कि इसे मुंद्रा से दादरी भेजा जा रहा है.
दरअसल, नकली गोल्ड फ्लैक ब्रांड की सिगरेटों को कंटेनर में छिपाकर, पैकेजिंग और सीरियल नंबर बदलकर उन्हें असली दिखाने का प्रयास किया गया था. हालांकि सिंगापुर जैसे देश से इतनी बड़ी मात्रा में नकली सिगरेटों के मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंचने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई है. आशंका है कि इसके पीछे एक अंतरराष्ट्रीय बड़ा तस्करी गिरोह सक्रिय हैं. फिलहाल, डीआरआई ने इस बात का पता लगाने के लिए गहन जांच शुरू कर दी है कि इतनी मात्रा में सिगरेट का ऑर्डर किसने दिया था और उन्हें कहां भेजा जाना था.