• आंध्र प्रदेश के  पूर्व मंत्री वेंकट नागेश्वर राव शराब घोटाले में गिरफ्तार, सरकार को लगाई थी 195 करोड़ की चपत

    आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री करुमुरी वेंकटा नागेश्वर राव ने अपने बेटे सुनील कुमार के साथ मिलकर शराब ट्रांसपोर्टेशन घोटाला किया था. अपने राजनीतिक प्रभाव और शराब ट्रांसपोर्टेशन सिंडिकेट के लोगों खासकर केसी रेड्डी, राजा शेखर रेड्डी, तुकेकुला ईश्वर किरण रेड्डी और डोंटी रेड्डी वासुदेवा रेड्डी के साथ नजदीकी संबंधों का फायदा उठाते हुए शराब ट्रांसपोर्टेशन के  सब - कॉन्ट्रैक्ट के आवंटन पर मजबूत पकड़ बनाया और इसके जरिए अवैध वित्तीय लाभ कमाया. इसी मामले में ईडी ने पूर्व मंत्री करुमुरी वेंकटा नागेश्वर राव को गिरफ्तार कर उन्हें 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

    अमरावती/ हैदराबाद, 25 अगस्त 2026.आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री कारुमुरी वेंकटा नागेश्वर राव अपने बेटे सुनील कुमार के साथ मिलकर शराब ट्रांसपोर्टेशन घोटाला किया और सरकारी खजाने को 195.33 करोड़ रुपए की चपत लगा दी. आरोपी मंत्री ने अपने राजनीतिक प्रभाव और शराब ट्रांसपोर्टेशन सिंडिकेट के  सदस्यों - खासकर केसी रेड्डी, राजा शेखर रेड्डी, तुकेकुला ईश्वर किरण रेड्डी और डोंटीरेड्डी वासुदेवा रेड्डी के साथ नजदीकी संबंधों का लाभ उठाते हुए शराब ट्रांसपोर्टेशन के सब कॉन्ट्रैक्ट के आवंटन पर पकड़ मजबूत किया और इसके जरिए अवैध वित्तीय लाभ कमाया.

    सूत्र बताते हैं कि ईडी ने सिविल सप्लाई विभाग के पूर्व मंत्री एवं विधायक कारूमुरी वेंकटा नागेश्वर राव को गिरफ्तार कर लिया है और हैदराबाद की स्पेशल कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

    यह कंपनियां तो सिर्फ दिखावे के लिए थी
    ईडी ने आंध्र प्रदेश सरकार के अतिरिक्त सचिव ( सतर्कता) की शिकायत पर सीआईडी आंध्र प्रदेश द्वारा आईपीसी 1860 और बीएनएस, 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की है. यह मामला एपीएसबीसीएल शराब ट्रांसपोर्टेशन घोटाले में सरकारी खजाने को 195.33 करोड़ रुपए का  नुकसान पहुंचाने से जुड़ा है. आंध्र प्रदेश स्टेट बेवरेजज कॉरपोरेशन लि. के शराब ट्रांसपोर्ट टेंडर की शर्तों को जानबूझकर कुछ चुनिंदा कंपनियों-मेसर्ज सिग्मा सप्लाई चेन सॉल्यूशंस प्रा. लि. और बाद में  मेसर्ज प्रसाद ट्रांसपोर्टस के फायदे के लिए बदल दिया गया. यह कंपनियां फिर  दिखावे के लिए थी, जबकि असल ऑपरेशनल और फाइनेंशियल कंट्रोल केसी रेड्डी, राजा शेखर रेड्डी और डोंटी रेड्डी, वासुदेवा रेड्डी और उनके सहयोगियों से जुड़े लोगों के पास था.

    गैर कानूनी कमाई का निकाला तरीका
    शराब कार्टेल ने आंध्र प्रदेश राज्य में डिपो से रिटेल आउटलेट तक शराब के ट्रांसपोर्टेशन से गैर कानूनी कमाई करने का एक तरीका निकाला था. मौजूदा रेट से बहुत कम दामों पर शराब ट्रांसपोर्टेशन का टेंडर हासिल किया और इसी से शराब की काली कमाई का जरिया शुरू हुआ.

    डमी सब - ठेकेदार ली गई मदद

    कारुमुरी वेंकट नागेश्वर राव ने अपने बेटे सुनील कुमार के साथ मिलकर अपने राजनीतिक प्रभाव और शराब ट्रांसपोर्टेशन सिंडिकेट के साथ नजदीकी संबंधों का भारी फायदा उठाया.

    महंगी गाड़ियां, लग्जरी घड़ियां और संपत्ति खरीदी

    शराब की काली कमाई से मिली रकम का इस्तेमाल कारूमुरी वेंकट नागेश्वर राव और बेटे सुनील कुमार ने महंगी गाड़ियां और लग्जरी घड़ियां खरीदने और अचल संपत्ति बनाने के लिए एडवांस पेमेंट करने के साथ- साथ राजनीतिक फंडिंग और सीधे बैंक ट्रांसफर व कैश ट्रांजैक्शन के जरिए कई तरह के निजी और पारिवारिक खर्चों को पूरा किया. इस तरह उन्होंने शराब की काली कमाई से मिली रकम को  कारोबार और इनकम के तौर पर दिखाया.

    इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने 18 जून 2026 को केसी रेड्डी, राजा शेखर रेड्डी और डोंटीरेड्डी, वासुदेव रेड्डी सहित सुनील कुमार को गिरफ्तार किया था. पहले अरेस्ट तीनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है. इसके अलावा 37.79 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त करने का प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर भी जारी किया गया. अब जाकर ईडी ने आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री कारूमुरी वेंकटा नागेश्वर राव को भी गिरफ्तार कर लिया और उन सभी के खिलाफ विशेष अदालत में पहली प्रॉसीक्यूशन कंप्लेंट दायर की गई है.