छत्तीसगढ़ में गिग वर्कर्स को भी मिलेगी सामाजिक सुरक्षा
ब्लिंकिट, जोमैटो, स्विंगी और अन्य ऑनलाइन डिलीवरी के काम में लगे गिग वर्कर्स को बड़ी राहत मिलने जा रही है।
रायपुर, 10 जुलाई 2026। असंगठित क्षेत्र के लाखों युवाओं को अब सामाजिक सुरक्षा मिलेगी। छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ सरकार इसकी तैयारी में जूटी है। ब्लिंकिट, जोमैटो, स्विंगी और अन्य ऑनलाइन डिलीवरी के काम में लगे गिग वर्कर्स को बड़ी राहत मिलने जा रही है। राज्य के लाखों की संख्या में युवा गिग वर्कर्स के रूप में काम कर रहे हैं। 10 मिनट में डिलीवरी के चक्कर में कई युवा दुर्घटना के भी शिकार हो रहे हैं। हादसे में किसी की जान जा रही है तो किसी के हाथ- पैर टूट रहे हैं या गंभीर विकृति आ रही हैं। एक तो हॉस्पिटल के मोटे बिल का भुगतान करने से काम लेने वाली ऑनलाइन कंपनियां भी मना कर दे रही है वहीं अपंगता आने या घर बैठने पर परिवार कैसे चलाएंगे इसकी चिंता भी युवाओं को सता रहा है।
दरअसल गिग वर्कर्स के रूप में लाखों युवा असंगठित क्षेत्र के मजदूर के अंतर्गत आते हैं। अभी तक शासन द्वारा उनको सामाजिक सुरक्षा नहीं मिली थी। किसी हादसे के बाद वे सड़क पर आ जाते थे। विधानसभा के बजट क्षेत्र में भी गिग वर्कर्स का मुद्दा जोर-शोर से उठा था। पहले श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने भारत सरकार के लेबर एक्ट का हवाला देकर कहा था उसके अनुसार हम कार्रवाई करेंगे। राज्य में लाखों गिग वर्कर्स के रूप में युवाओं को सामाजिक सुरक्षा के सवाल पर वे घिर गए थे। बाद में उन्होंने स्वीकार किया था कि उनको सामाजिक सुरक्षा देने पर विचार करेंगे।
सरकार असंगठित क्षेत्र के मजदूर के रूप में पंजीकृत गिग वर्कर्स को ईवी स्कूटर में सब्सिडी देने पर विचार कर रही है। राज्य के श्रम आयुक्त एवं सचिव हिमशिखर गुप्ता ने 'आज की आवाज' को बताया कि एलआईसी के माध्यम से असंगठित क्षेत्र के पंजीकृत मजदूरों को जिसमें गिग वर्कर्स भी शामिल हैं का बीमा कराया जाएगा। जिससे हादसे के समय इलाज को लेकर उनको कोई परेशानी नहीं आएगी। अपंगता आने या शारीरिक क्षति पहुंचने पर बीमा कंपनी पीड़ित व्यक्ति और उनके परिवार एक निश्चित राशि का भुगतान करेंगी। जिससे उन्हें भी एक सामाजिक सुरक्षा मिलेगी। इसका प्रस्ताव शासन के समक्ष विचाराधीन है।
हिमशिखर गुप्ता ने यह भी बताया कि 9 जुलाई को मंत्री जी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह भी तय किया गया है कि अब असंगठित क्षेत्र के पंजीकृत मजदूरों को ई-रिक्शा के लिए दी जा रही अनुदान राशि को दुगनी की जा रही है।