ट्रेन में सुहागरात, सजवाया बर्थ भारी पड़ गया शौक... कितनी हो सकती है सजा?
बल्हारशाह - दादर - नंदीग्राम एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच की बर्थ को बिना अनुमति के ऑनलाइन डेकोरेटर बुलाकर हनीमून सुइट की तरह सजाने और मोमबत्ती जलाने का वीडियो वायरल हुआ है. सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर रेलवे ने टीटीई को सस्पेंड कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. जानते हैं ऐसे मामलों में क्या कहते हैं रेलवे के नियम? समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट:-
बल्हारशाह, 10 जुलाई 2026. भारतीय रेलवे अपनी अनूठी खबरों के लिए अक्सर चर्चा में रहता है, लेकिन इस बार सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसने रेलवे प्रशासन की सुरक्षा और नियमों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. महाराष्ट्र के बल्हारशाह से दादर (मुंबई) के बीच चलने वाली नंदीग्राम एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच का एक वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हुआ है.
इस वीडियो में ट्रेन के एक पूरे केबिन को किसी नव- विवाहित जोड़े के लिए हनीमून सुईट की तरह तब्दील कर दिया गया दिख रहा है. मामला जैसे ही रेल मंत्रालय और उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया, लापरवाही बरतने के आरोप में संबंधित टीटीई को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया. वायरल हो रहा वीडियो नंदीग्राम एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच का है, जो देखने में बेहद आलीशान और चौंकाने वाला है.
वीडियो में कैमरा जैसे ही केबिन के बाहर से अंदर दाखिल होता है, नजारा पूरी तरह बदला हुआ नजर आता है. ट्रेन की पूरी बर्थ को रंग-बिरंगे गुब्बारों, ताजे फूलों और खूबसूरत गुलदस्तों से सजाया गया. ट्रेन की सीट पर लाल गुलाब की पंखुड़ियों को इस तरह बिखेरा गया, जिससे एक बड़ा सा दिल बना हुआ दिख रहा है. सबसे अधिक हैरान और डराने वाली बात यह थी कि चलती ट्रेन के उस केबिन के बीचों - बीच कुछ दीपक (मोमबत्तियां ) भी जल रहे थे, जिससे ट्रेन में आग लगने का बड़ा खतरा पैदा हो सकता था.
डेकोरेटर को बुलाकर कराई थी बुकिंग
मामला सोशल मीडिया पर ट्रेंड होने के बाद रेलवे प्रशासन तुरंत हरकत में आया और बुधवार को रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक बयान में इस पूरी घटना का सच सामने रख दिया. रेलवे ने बताया कि यह घटना मंगलवार को नंदीग्राम एक्सप्रेस( ट्रेन संख्या-11002 डाउन ) के फर्स्ट एसी कोच में हुई. ट्रेन में सफर कर रहे एक नव विवाहित जोड़े ने अपनी यात्रा को यादगार बनाने के लिए ऑनलाइन माध्यम से एक प्राइवेट डेकोरेटर (सजावट करने वाले) की सेवाएं ली थी. डेकोरेटर ने ट्रेन के अंदर स्टेशन पर घुसकर पूरी बर्थ को सजाया, लेकिन इसके लिए रेलवे प्रशासन या सुरक्षा बलों से कोई लिखित अनुमति नहीं ली गई थी.
चलती ट्रेन में ज्वलनशील दीपक जलाना और बिना अनुमति बाहरी व्यक्ति का एसी कोच में घुसना सुरक्षा में एक बड़ी चूक माना गया. रेलवे ने इस लापरवाही को बेहद गंभीरता से लेते हुए ड्यूटी पर तैनात ट्रेन टिकट निरीक्षक (टीटीई ) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. साथ ही, इस मामले में एक विस्तृत विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं कि आखिर बिना अनुमति के बाहरी शख्स ट्रेन के अंदर इतनी बड़ी सजावट कैसे कर गया.
क्या कहते हैं भारतीय रेलवे के नियम?
भारतीय रेलवे के नियमों के मुताबिक, चलती ट्रेन के डिब्बे (जैसे फर्स्ट एसी कोच) में बिना अनुमति के अनाधिकृत रूप से बाहरी व्यक्तियों (जैसे कमर्शियल डेकोरेटर) को बुलाकर सजावट करवाना और कोच के अंदर मोमबत्तियां या दीपक जैसी ज्वलनशील वस्तुएं जलाना एक गंभीर और दंडनीय अपराध है. इस तरह के कृत्य के लिए रेलवे अधिनियम, 1989 एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई, जुर्माना और जेल की सजा का भी प्रावधान है. अब देखना है आगे क्या होता है.