• 12 करोड़ की चोरी कर नेपाल भाग रहे थे पति- पत्नी और  साली, पुलिस ने दबोचा, सोना- चांदी और कैश बरामद

    समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह रिपोर्ट:-
    उत्तर प्रदेश के  रामपुर और हैदराबाद पुलिस के बेहद सटीक व बड़े संयुक्त ऑपरेशन में एक ऐसे शातिर गैंग का पर्दाफाश हुआ है, जिसने घरेलू नौकर बनकर 'भरोसे के कत्ल ' की एक खौफनाक दास्तान लिखी है. पुलिस ने नेपाल भागने की फिराक में लगे एक शातिर शख्स, उसकी पत्नी और  साली को गिरफ्तार कर लिया है.

    रामपुर / हैदराबाद, 13 जून 2026. इस गैंग ने तेलंगाना के एक बेहद संपन्न परिवार के घर में सेंध लगाकर कोई मामूली चोरी नहीं की थी, बल्कि वहां से करीब 7 किलो सोना,1 किलो चांदी और भारी मात्रा में कैश पर हाथ साफ किया था. अंतरराष्ट्रीय बाजार और भारतीय सर्राफा बाजार के  मुताबिक, इस महाचोरी की कुल कीमत करीब 12 करोड़ रुपए आंकी गई है.

    दीवारों के बाद सीधे दिल और तिजोरी में बनाई जगह 
    दरअसल, यह पूरी कहानी तेलंगाना के हाईटेक जोन साइबराबाद कमिश्नरेट के गचीबउली इलाके से शुरू होती है. यहां रहने वाले एक बेहद रसूखदार और संपन्न परिवार को अपने बड़े घर की देखरेख और दैनिक कार्यों के लिए कुछ घरेलू सहायकों की जरूरत थी. इसी जरूरत का फायदा उठाकर  नेपाल से भारत आए कमल, उसकी पत्नी विमला और विमल की सगी बहन कल्पना ने इस घर में नौकरी की शुरुआत की.

    शुरुआत बिल्कुल सामान्य और पेशेवर थी. तीनों आरोपियों ने अपने बेहतरीन काम, मीठी जुबान और अच्छे व्यवहार के दम पर बहुत ही कम समय में मकान मालिक का दिल जीत लिया. धीरे-धीरे  वे घर के सिर्फ कमरों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि परिवार के अटूट भरोसे के भीतर भी दाखिल हो गए. घर के लोग उनकी वफादारी पर इस कदर आंख बंद कर भरोसा करने लगे थे कि उन्हें भनक तक नहीं लगी कि वे जिन पर भरोसा कर रहे हैं, वही उसके आस्तीन के सांप बनने वाले हैं.

    खाली घर पाकर की 12 करोड़ की महाचोरी 
    कहा जाता है कि बड़े रसूखदार घरों में सबसे बड़ी सुरक्षा दीवारें या सीसीटीवी कैमरे नहीं, बल्कि वहां काम करने वालों का भरोसा होता है. कमल, विमला और कल्पना ने  इसी भरोसे की आड़ में  एक बड़ी साजिश की रूपरेखा तैयार की. उन्होंने खुद को सिर्फ झाड़ू - पोछा और खाना बनाने तक सीमित नहीं रखा. वे बहुत ही चालाकी से घर के सदस्यों की रोजमर्रा की दिनचर्या, उनकी आदतें, तिजोरी की चाबियां रखने की जगह और उनके बाहर आने- जाने के समय की बारीकी से रेकी करने लगे. फिर वह दिन भी आ गया जिसका इन तीनों को बेसब्री से इंतजार था. घर का मालिक अपने पूरे परिवार के साथ किसी जरूरी काम से शहर से बाहर गया हुआ था.

    घर पूरी तरह खाली था और सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी इन्हीं तीनों नेपाली नौकरों के हाथ में थी. इसी सुनहरे मौके का फायदा उठाकर तीनों ने  घर की अलमारियों और तिजोरियों को खंगाल डाला. वे वहां रखें कीमती जेवरातों पर हाथ साफ कर बिना किसी शोर -- शराबे के रफू चक्कर हो गए. जब पीड़ित परिवार अपने घर वापस लौटा, तो घर का मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. तिजोरी से 7 किलो सोना, 1 किलो चांदी और कैश गायब था, जिसकी कुल कीमत 12 करोड़ रुपए थी.

    नेपाल बॉर्डर  पार करने से पहले दबोचे गए आरोपी 
    चोरी की इतनी बड़ी वारदात से साइबराबाद पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया. गचीबउली पुलिस थाने में तुरंत मुकदमा दर्ज किया गया और तफ़्तीश शुरू हुई. चूंकि आरोपी मूल रूप से नेपाल के रहने वाले थे, इसलिए पुलिस को अंदेशा था कि  वे अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर नेपाल भाग सकते हैं. तकनीकी सर्विलांस और खुफिया इनपुट के जरिए  जांच टीम को पता चला कि आरोपियों का लोकेशन उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले की तरफ बढ़ रहा है. तेलंगाना पुलिस ने बिना वक्त गंवाए उत्तर प्रदेश के रामपुर के पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना से संपर्क साधा और पूरे मामले की इनपुट साझा की. दो राज्यों की पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन प्लान किया. रामपुर पुलिस ने नेपाल जाने वाले  सभी मार्गों और हाईवे पर संघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया. इसी कड़ी में बॉर्डर की तरफ संदिग्ध अवस्था में भागने की कोशिश कर रहे कमल, उसकी पत्नी विमला और साली कल्पना को रामपुर पुलिस की विशेष टीम ने चारों तरफ से घेराबंदी कर दबोच लिया.

    मलिक का  शत - प्रतिशत माल बरामद

    रामपुर पुलिस ने जब तीनों आरोपियों के सामान की तलाशी ली, तो बैग के अंदर का नजारा देख कर खुद पुलिस अधिकारी दंग रह गए. उनके पास से गचीबउली के उस संपन्न घर से चुराया गया शत - प्रतिशत माल बरामद हो गया, जिसमें करीब 7 किलो शुद्ध सोना,1 किलो चांदी और लगभग 25 हजार रुपए की कैसे शामिल थी.

    पुलिस अधीक्षक रामपुर सोमेंद्र मीणा ने  पत्रकारों को बताया कि पकड़े गए आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर लेने के बाद तेलंगाना पुलिस के हवाले किया जा रहा है. इसके साथ ही इस बात की गहनता से जांच की जा रही है  कि क्या इस वारदात में उनके साथ कुछ साथी या कूरियर गैंग भी शामिल था. गैंग के अपराधिक इतिहास और नेपाल में उनके ठिकानों का पता लगाने भारतीय जांच एजेंसियां अब नेपाल पुलिस से संपर्क साध रही है.