• स्मृतिशेष : वरिष्ठ पत्रकार अमरनाथ का जाना

    वरिष्ठ पत्रकार अमरनाथ झा के निधन ने पत्रकारिता के पुराने दिनों की यादें ताजा कर दीं. जनसत्ता में नियुक्ति और पेशेवर पत्रकारिता की सफर अब सिर्फ स्मृतियां ही रह गई है. पत्रकारिता और जन सरोकार की दुनिया में शोक की लहर..
    समाचार संपादक  देहाती विश्वनाथ की यह विशेष रिपोर्ट:
    पटना/ हैदराबाद, 24 जून 2026. वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रतिबद्ध चिंतक और नदी - पानी के मुद्दों पर लंबे समय तक काम करने वाले अमरनाथ झा का बुधवार को निधन हो गया. कुछ दिन पूर्व उन्हें ब्रेन हेमरेज होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर से पत्रकारिता जगत, सामाजिक आंदोलनों और नागरिक समाज में शोक की लहर दौड़ गई है.

    इधर गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार पटना के दीघा घाट पर किया गया. इस मौके पर सगे- संबंधी सहित अनेक साहित्यकार और पत्रकार जुटे तथा सबों ने उनके कार्यों को याद करते हुए नाम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी. अमरनाथ झा उन चुनिंदा पत्रकारों में थे जिन्होंने पत्रकारिता को  केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी के रूप में लिया. उन्होंने लंबे समय तक  पत्रकारिता और अनुवाद के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया. विशेष रूप से उत्तर बिहार में नदी और पानी से जुड़े सवालों पर उनका काम व्यापक रूप से सराहा जाता रहा.

    हैदराबाद में भी शोक की लहर

    हैदराबाद के राजेंद्र नगर क्षेत्र के अत्तापुर में आयोजित एक शोक सभा में नगर के विशिष्ट समाजसेवी तथा सेवानिवृत न्यायाधीश टी. गोपाल सिंह ने अपने शोक संदेश में कहा है कि जनसत्ता से जुड़े रहे पत्रकार अमरनाथ झा  लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और  मानवीय सरोकारों के पक्ष में हमेशा स्पष्ट और निर्भीक आवाज बन रहे. वे केवल पत्रकार ही नहीं थे, बल्कि नागरिक समाज का विशेष हस्ताक्षर भी थे. टी. गोपाल सिंह ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जाना पत्रकारिता जगत, लोकतांत्रिक चेतना और समाजवादी आंदोलन के लिए एक अपूरणीय क्षति है.

    वहीं, वरिष्ठ पत्रकार तथा हैदराबाद से प्रकाशित दैनिक स्वतंत्र वार्ता के संपादक धीरेंद्र प्रताप सिंह  (डी पी सिंह) ने अपने शोक संदेश में कहा कि अमरनाथ झा अपनी विद्वता और अनुभव के आधार पर जितनी गंभीर और गहरी समझ के साथ कलम चलाई, वैसा बहुत कम पत्रकार देखने को मिलता है. अमरनाथ झा हमेशा सादगी और  विनम्रता के साथ लोगों से जुड़े रहे. पत्रकार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की और उन्हें श्रद्धांजलि दी. उनके अनेकों चाहने वालों ने भी उनके विचारों को लेकर कहा कि जन- पक्षधर दृष्टिकोण और सामाजिक चेतन को लेकर जब भी चिंतन होगा अमरनाथ झा लोगों की यादों और संघर्षों में जीवित रहेंगे. ओम शांति!