मंत्रालय में आउटसोर्सिंग का विरोध तेज, कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
रायपुर, 25 जून 2026। राज्य की सर्वोच्च प्रशासनिक इकाई मंत्रालय, महानदी भवन में आउटसोर्सिंग और संविदा पर कर्मचारी रखे जाने के फैसले का विरोध तेज हो गया है। गुरुवार की दोपहर को कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में मंत्रालय के गेट नंबर 4 के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। भोजन अवकाश के समय छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने आउटसोर्सिंग और संविदा के खिलाफ आम सभा आयोजन किया गया, जिसमें मंत्रालय के संयुक्त सचिव स्तर से लेकर चतुर्थ श्रेणी तक के अधिकारी-कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में मौजूद थे।
सभा को संबोधित करते हुए संघ के अध्यक्ष चंद्रकांत पांडेय ने मंत्रालय कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न ज्वलंत विषयों पर अपनी बात रखी। आम सभा में उन्होंने प्रमुख रूप से सामान्य प्रशासन विभाग में मंत्रालय सेवा के अधिकारियों की पदस्थापना सुनिश्चित करने, अन्य सेवाओं के अधिकारियों की पदस्थापना समाप्त करने, स्वीकृत नए पदों का आदेश जारी कर पदोन्नति आदेश तत्काल जारी करने, निरस्त किए गए शेष पदों किए गए को पुनः स्वीकृत करने, आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर रोक लगाने, बायोमेट्रिक उपस्थिति में अनावश्यक कठोरता समाप्त करने, ई-ऑफिस में कर्मचारियों के बजाय कार्यों की मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने, नए जीएडी क्वार्टर्स तथा मंत्रालय बस सेवा के सुदृढ़ीकरण के मुद्दे जोरशोर से उठाए।
वहीं मंत्रालय कर्मचारी संघ के संरक्षक देवलाल भारती ने कहा कि मंत्रालय जैसे संवेदनशील जगह में आउटसोर्सिंग से कर्मचारियों की नियुक्ति अनुचित है। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की जवाबदेही कैसे तय करेंगे। दूसरी ओर आउटसोर्सिंग से आ रहे योग्य नौजवानों का भी शोषण हो रहा है वे न्यूनतम वेतन पर काम कर रहे हैं। केंद्रीय कर्मचारियों के समान कार्य लेने पर हमें केंद्र की तरह सुविधाएं भी दी जानी चाहिए।
छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष चंद्रकांत पांडेय ने 'आज की आवाज़' को बताया कि आम सभा में उपस्थित कर्मचारियों ने सभी मुद्दों पर एकमत होकर संघ के प्रस्तावों का समर्थन किया तथा कर्मचारी हितों की रक्षा हेतु आवश्यक कदम उठाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष अजीस मीरे, सचिव उमेश सिंह, संयुक्त सचिव महेश बारा, कोषाध्यक्ष छवि साहू, सदस्य कुंदन साहू सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित हुए।