• विदेशी विद्यार्थियों ने भी पहने छत्तीसगढ़ी कोसा के परिधान, रैंप वॉक से दिया ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश

    मेट्स यूनिवर्सिटी, रायपुर में आयोजित सोशल अवेयरनेस कैंपेन में 40 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया और स्वदेशी हथकरघा एवं खादी को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इस दौरान  राज्य हाथकरघा संघ के अध्यक्ष भोजराम देवांगन, ग्रामोद्योग विभाग के सचिव सह प्रबंध संचालक राजेश सिंह राणा तथा मैट्स यूनिवर्सिटी के कुलपति के.पी. यादव मौजूद थे।

    रायपुर, 18 सितंबर 2026। मेट्स यूनिवर्सिटी रायपुर में गुरुवार को आत्म-निर्भर छत्तीसगढ़ वोकल फॉर लोकल- सेल्फी विथ स्वदेशी सोशल अवेयरनेस कैम्पेन का आयोजन किया गया। बिलासा हैण्डलूम के डिजाईनर द्वारा तैयार हाथकरघा कोसा एवं काटन वस्त्रों के परिधान में महाविद्यालय के 40 से अधिक छात्र-छात्राओं ने रेंप वाक किया गया, जिसमें विदेशी विद्यार्थी शामिल थे। वोकल फॉर लोकल कैम्पेन में मेट्स यूनिवर्सिटी के लगभग 400 से अधिक छात्र-छात्राएं एवं फेकल्टी उपस्थित थे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भोजराम देवांगन, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा संघ ने प्रदेश के कोसा एवं काटन क्षेत्र के बुनकरों द्वारा निर्मित हाथकरघा वस्त्रों को अधिक से अधिक अपनाने का सुझाव दिया, जो स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद है।

    ग्रामोद्योग विभाग के सचिव सह प्रबंध संचालक राजेश सिंह राणा ने बताया कि राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस 07 अगस्त 2026 को दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में स्वदेशी फैशन-शो का आयोजन किया गया, जिसमें सुकमा जिले के आत्मसमर्पित एवं पुर्नवासित 10 महिलाओं के द्वारा भाग लिया गया, जिसकी राष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहना हुई है। राणा ने कहा कि ग्रामोद्योग विभाग- हाथकरघा, रेशम, हस्तशिल्प, माटीकला तथा खादी ग्रामोद्योग के माध्यम से राज्य के 3.50 लाख से अधिक बुनकरों/शिल्पियों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल रहा है तथा हाथकरघा बिलासा हैण्डलूम एम्पोरियम में वेल्यू एडिशन करने तथा बाजार के मांग के अनुरूप डिजाईनर वस्त्रों के विकास हेतु निफ्ट डिजाईनर तथा विपणन विकास के लिए मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव नियुक्त किया गया है।

    राजेश सिंह राणा ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री और ग्रामोद्योग मंत्री के मंशानुरूप  हाथकरघा उत्पादों को वर्तमान जेन-जी में उपयोग करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से ग्रामोद्योग विभाग के इंस्टाग्राम पर क्यू आर कोड अपलोड किया गया है, जिसमें 01 अगस्त 2026 से छत्तीसगढ़ के हाथकरघा, हस्तशिल्प, माटीकला एवं खादी वस्त्र/उत्पादों के साथ सेल्फी/चित्र अपलोड करने पर तथा ग्रामोद्योग उत्पादों की खरीदी करने पर चयनित 10 ग्राहकों/प्रतिभागियों को ग्रामोद्योग विभाग के द्वारा प्रतिमाह पुरस्कार एवं उपहार दिया जाएगा, जिसके देयक का मिलान बिलासा हैण्डलूम एम्पोरियम के देयकों से किया जायेगा। इस प्रकार सेल्फी विथ स्वदेशी का प्रतिस्पर्धा शुरू किया गया है। इस कैम्पेन में मेट्स यूनिवर्सिटी के महानिदेशक  प्रियेश पगारिया सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।