हाई कोर्ट से राहुल गांधी को बड़ी राहत, नागरिकता पर सवाल उठाने वाले नहीं दे पाए सबूत
जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी की बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ता अपने इस आरोप को साबित करने के लिए एक भी दस्तावेज पेश नहीं कर पाया कि राहुल गांधी यूनाइटेड किंगडम (यूके) के नागरिक थे. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट:-
नई दिल्ली, 3 सितंबर 2026. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी है. हाई कोर्ट ने उनके सांसद (एमपी) होने के अधिकार को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने से ही इनकार कर दिया है. याचिका में दावा किया गया था कि राहुल गांधी भारत के नागरिक नहीं है. दरअसल, राहुल गांधी की नागरिकता पर सवाल उठाने वाले याचिकाकर्ता अपने तर्क के पक्ष में कोई सबूत नहीं पेश कर सके. इसके बाद हाई कोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज कर दी.
31 अगस्त को दिए गए अपने आदेश में, जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी की बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ता अपने इस आरोप को साबित करने के लिए एक भी दस्तावेज पेश नहीं कर पाया कि राहुल गांधी यूनाइटेड किंगडम ( यूके) के नागरिक थे. कोर्ट की टिप्पणियों को देखते हुए, याचिकाकर्ता ने याचिका वापस लेने का फैसला किया, जिसे कोर्ट ने मंजूरी दे दी.
रिट याचिका वापस ली गई मानकर खारिज
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, याचिकाकर्ता ऐसा एक भी दस्तावेज नहीं दिखा सका, जिससे यह साबित हो कि राहुल गांधी ने खुद को ब्रिटिश नागरिक बताया है. इसके बाद पीठ ने कहा, "दी गई दलीलों को देखते हुए, याचिकाकर्ता को मौजूदा रिट याचिका वापस लेने की अनुमति दी जाती है. इस तरह, मौजूदा रिट याचिका वापस ली गई मानकर खारिज की जाती है."
याचिका पर सुनवाई करने को लेकर ही संशय
हाई कोर्ट ने पहले कहा था कि वह रिट याचिका पर सुनवाई करने को लेकर संशय में हैं क्योंकि गांधी की नागरिकता से जुड़ा मामला केंद्र सरकार के पास लंबित है. हालांकि, याचिकाकर्ता के जोर देने पर कोर्ट ने मामले की सुनवाई की और उसके द्वारा पेश किए गए दस्तावेज को देखा.