मंत्री की गाड़ी पर गिरा टोल बैरियर: गुस्साए पीए ने टोलकर्मी से की जमकर मारपीट
वहीं पीड़ित टोलकर्मी ने थाने में एफआईआर दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है और कहा है कि यदि राजनीतिक दबाव में एफआईआर दर्ज नहीं की जाती तो सड़क जाम कर आंदोलन की जाएगी।
सूरजपुर, 4 सितंबर 2026। नेशनल हाईवे 130 पर लहपटरा टोल नाके पर छत्तीसगढ़ की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की गाड़ी पर टोल बैरियर का बूम गिर गया। इससे गुस्साए मंत्री के निजी सहायक (पीए) ओम प्रकाश राजवाड़े ने एक टोल कर्मचारी के साथ गाली-गलौज करते हुए जमकर मारपीट कर दी। मारपीट का सीसीटीवी फूटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसके अनुसार तमतमाए पीए ने कर्मचारी पर चार-पांच थप्पड़ प्रहार कर देता है। जबकि पीड़ित माफी मांग रहा होता है।
नेशनल हाईवे 130 पर लहपटरा टोल नाके पर छत्तीसगढ़ की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की गाड़ी पर टोल बैरियर का बूम गिर गया। इससे गुस्साए मंत्री के निजी सहायक (पीए) ओम प्रकाश राजवाड़े ने एक टोल कर्मचारी के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट कर दी। पीड़ित टोल कर्मचारी महेंद्र राजवाड़े ने ग्रामीणों के साथ मिलकर लखनपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने पुलिस के प्राथमिकी दर्ज न करने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
जानकारी के अनुसार, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े बिलासपुर से अंबिकापुर की ओर आ रही थीं। रात लगभग 12:30 बजे उनका काफिला लहपटरा टोल नाके पर पहुंचा। काफिले में दो गाड़ियां शामिल थीं। सबसे आगे चल रही इनोवा गाड़ी ने जैसे ही टोल बैरियर पार किया, स्वचालित प्रणाली के तहत बूम नीचे गिर गया। ठीक पीछे आ रही मंत्री की फॉर्च्यूनर कार के ऊपर बूम गिरने से गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के तुरंत बाद मंत्री का पीए ओम प्रकाश राजवाड़े सुरक्षाकर्मियों के साथ वाहन से उतरा और टोल बूथ पर पहुंचकर कर्मचारी महेंद्र राजवाड़े के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। पीड़ित कर्मचारी अपनी गलती न होने की बात कहते हुए माफी मांगता रहा, लेकिन पीए ने कई थप्पड़ जड़ दिए। इस दौरान मंत्री लक्ष्मी अपनी गाड़ी में ही बैठी रहीं। बाद में मंत्री के सुरक्षाकर्मियों ने बीच-बचाव किया और पीए को वापस वाहन में ले आए।
टोल कर्मचारियों के अनुसार प्रधानमंत्री की अपील के बाद मंत्री ने अपने काफिले का आकार घटा दिया था और फॉलो वाहन हटा दिया था। आगे चल रही गाड़ी के निकलने पर टोल तंत्र ने नियमानुसार बूम को नीचे गिरा दिया। टोल कर्मी यह नहीं समझ सके कि पीछे आ रहा वाहन मंत्री का है। यदि काफिले में फॉलो वाहन होता, तो कर्मचारी पहले से ही सतर्क होकर बूम को उठाकर रखते। पीड़ित ने बताया कि मंत्री के काफिले की उन्हें जानकारी नहीं थी और न ही घटना के समय मंत्री गाड़ी में बैठी थीं। आगे वाली गाड़ी फास्टैग स्कैन होने के कारण बूम उठ गया था लेकिन पीछे आ रही कार के न रुकने के कारण ऑटोमेटिक मेकैनिज्म से बैरियर नीचे आ गया और गाड़ी से टकराकर टूट गया।
वहीं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने घटना पर खेद जताते हुए कहा कि टोल बैरियर गिरना तकनीकी भूल हो सकती है इसके बदले चालक द्वारा कर्मचारियों से किया गया अशोभनीय व्यवहार कतई स्वीकार नहीं है। उन्होंने पीए द्वारा मारपीट को सिरे से खारिज कर दिया है। इसके वाहन चालक को जिम्मेदार बताया है।