• एकतरफा प्यार में डेढ़ साल के मासूम को पटककर मारने वाले दरिंदे को फांसी की सजा, महज 40 दिन में आया फैसला

    इस जघन्य हत्याकांड के बाद फिरोजाबाद पुलिस ने बेहद संवेदनशीलता और तेजी से काम किया. पुलिस ने वारदात के महज 6 दिनों के भीतर अदालत को चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल कर दी थी. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की संवेदनशील रिपोर्ट:-

    फिरोजाबाद, 10 जुलाई 2026. उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले की अदालत ने न्याय व्यवस्था की एक ऐसी नजीर पेश की है, जिसने अपराधियों के दिल में खौफ पैदा कर दिया है. यहां के शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में एक तरफा प्यार की सनक में एक डेढ़ वर्षीय मासूम आरव  की बेरहमी से हत्या करने वाले कसाई विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को जिला जज ने मृत्युदंड ( फांसी ) की सजा सुनाई है. इस पूरे मामले में सबसे बड़ी बात यह रही कि वारदात के महज 40 दिनों के भीतर ही अदालत का फैसला आ गया.

    पुलिस की सुपरफास्ट करवाई: 6 दिन में चार्जशीट, 13 गवाहियां 
    इस जघन्य हत्याकांड के बाद फिरोजाबाद पुलिस ने बेहद संवेदनशीलता और तेजी से काम किया. पुलिस ने वारदात के महज 6 दिनों के भीतर अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दी थी. पुलिस की इस गंभीर और मजबूत पैरवी के चलते केस का ट्रायल रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ. अदालत में कुल  13 गवाहों की गवाही और मुक्त वैज्ञानिक साक्षयों को पेश किया गया, जिसके आधार पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी पाते हुए मौत की सजा का ऐलान किया.

    30 मई को सड़क पर पटक - पटककर की थी मासूम की हत्या

    यह रुह कंपा देने वाली घटना शिकोहाबाद इलाके में बीते 30 मई को घटित हुई थी. पिंकी देवी की पुत्री रति का अपनी ससुराल बदायूं में विवाद चल रहा था, जिसके कारण वह अपने डेढ़ साल के बेटे आरव के साथ मायके में रह रही थी. 30 मई को रति शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में अपनी मां की सहेली के घर आई हुई थी. तभी वहां रति की  फुफुआ सास का बेटा विराज उर्फ जितेंद्र पाठक पहुंच गया. हालांकि, आरोपी जितेंद्र पाठक पहले से ही रति पर शादी का दबाव बना रहा था, लेकिन रति ने उसे  साफ इनकार कर दिया था.

    इसी बात की रंजिश में आरोपी ने मासूम आरव को चॉकलेट दिलाने का बहाना बनाया और घर के बाहर ले गया. इसके बाद उसने हैवानियत की सारी हदें  पर करते हुए डेढ़ साल के मासूम को बीच सड़क पर पत्थरों पर पटक - पटककर मार डाला और फरार हो गया. बाद में पुलिस ने एक मुठभेड़ के दौरान जितेंद्र पाठक को गिरफ्तार कर लिया था.

    कोर्ट के बाहर भारी पुलिस बल, जज ने माना 'दुर्लभ से दुर्लभतम' मामला 
    शुक्रवार को जब इस केस में सजा का ऐलान होना था, तो कोर्ट परिसर के बाहर  सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा. इस फैसले का जनता और पीड़ित परिवार बेहद बेसब्री से इंतजार कर रहा था. जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने  इसे ' रैरेस्ट ऑफ रेयर ' मामला मानते हुए हत्यारे जितेंद्र पाठक को मौत की सजा (फांसी ) सुनाई.