न्यू ईयर पर इस स्टेट में शराब की रिकॉर्ड बिक्री, 48 घंटे में 727 करोड़, दिसंबर में 5102 करोड़ का राजस्व
आंकड़ों के मुताबिक, यह पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में करीब 1600 करोड़ रुपए अधिक है, जो लगभग 45% की वार्षिक वृद्धि को दर्शाता है. हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट:-
हैदराबाद, 4 जनवरी 2026. न्यू ईयर के जश्न में तेलंगाना के मदिरा प्रेमियों ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए. 31 दिसंबर की रात अकेले 352 करोड़ रुपए की शराब बिक्री हुई, जबकि 30 और 31 दिसंबर के मात्र 48 घंटों के दरम्यान 727 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई राज्य के खजाने में आई. आबकारी सूत्रों के मुताबिक, दिसंबर 2025 में कुल 5102 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ, जो सामान्य मासिक औसत से कहीं अधिक है. आबकारी विभागीय अधिकारियों का कहना है कि राजस्व में इस अभूतपूर्व उछाल की मुख्य वजह वर्ष के अंत के उत्सव और राज्य में चल रहे स्थानीय सरपंच चुनाव रहे.
आंकड़ों के मुताबिक, यह पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में करीब 1600 करोड़ रुपए अधिक है, जो लगभग 45 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि को दर्शाता है. इस बार बाजार के रुझान में भी बदलाव देखने को मिला. कड़ाके की ठंड और कीमतों में बढ़ोतरी के कारण बीयर की बिक्री प्रभावित हुई. 650 मिलीलीटर बीयर की बोतल की कीमत 150 रुपए से बढ़कर 180 रुपए होने और शीतलहर के चलते करीब 35 लाख केन की गिरावट दर्ज की गई. इसके उलट व्हिस्की, ब्रांडी और रम जैसी हार्ड लिकर की मांग में तेज उछाल आया, जिसने कुल राजस्व को ऊंचाई पर पहुंचा दिया. इसके अलावा 1 दिसंबर 2025 से लागू नई शराब नीति, जिसमें आवेदन शुल्क और लाइसेंस स्लैब बढाए गए हैं, ने भी राज्य की आय को तत्काल मजबूती दी.
शहरी इलाकों के साथ-साथ ग्रामीण तेलंगाना में भी खपत में अप्रत्याशित वृद्धि देखी गई. वारंगल, नालगोंडा और महबूबनगर जैसे जिलों में दिसंबर के अंतिम सप्ताह में रिकॉर्ड बिक्री हुई, जिसे सरपंच चुनाव के प्रचार से जुड़े उत्सव पूर्ण माहौल से जोड़ा जा रहा है. आबकारी विभाग ने अब वित्तीय वर्ष की अंतिम तिमाही (जनवरी- मार्च) के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है.अधिकारियों को उम्मीद है कि संक्रांति और मेदाराम यात्रा जैसे बड़े आयोजनों के कारण आने वाले महीनों में भी बिक्री की रफ्तार बनी रहेगी.