• ओमान में गिरफ्तारी के बाद भारत लाया जाएगा सौरभ चंद्राकर, जांच को मिलेगी रफ्तार

    करोड़ों रुपए के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप घोटाले के मुख्य सरगना और मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर को लेकर एक बेहद बड़ी सनसनीखेज खबर सामने आई है. लंबे समय से कानून की आंखों में धूल झोंककर विदेश में ऐश ओ आराम की जिंदगी काट रहे सौरभ चंद्राकर को ओमान में सुरक्षा एजेंसी द्वारा दबोच लिया गया है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह विशेष रिपोर्ट:-

    नई दिल्ली/ रायपुर, 9 जुलाई 2026. सौरभ चंद्राकर पर एक फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट का इस्तेमाल कर अवैध तौर पर ओमान की सीमा में प्रवेश करने का गंभीर आरोप है. बता दें कि, छत्तीसगढ़ पुलिस और भारतीय जांच एजेंसियों ( ईडी ) की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल सौरभ चंद्राकर  बीते लंबे समय से संयुक्त अरब अमीरात ( यूएई) के दुबई शहर को अपना सुरक्षित ठिकाना बनाकर  वहीं से सट्टे का पूरा सिंडिकेट ऑपरेट कर रहा था.

    इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस पर रॉयल ओमान पुलिस की बड़ी कार्रवाई
    अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर की यह  हाई- प्रोफाइल गिरफ्तारी भारतीय जांच एजेंसियों के निरंतर दबाव और उनकी सक्रियता के चलते मुमकिन हो सकी है. भारत सरकार की सिफारिश पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई ) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी ) के अनुरोध पर इंटरपोल द्वारा सौरभ चंद्राकर के खिलाफ 'रेड कॉर्नर नोटिस ' जारी किया गया था. इसी अंतरराष्ट्रीय वारंट को आधार बनाते हुए रॉयल ओमान पुलिस ने जाल बिछाया और ओमान पहुंचते ही सौरभ चंद्राकर को  अपनी कस्टडी में ले लिया. इस गिरफ्तारी की आधिकारिक सूचना मिलते ही भारतीय विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और ईडी के अधिकारी तुरंत हरकत में आ गए और ओमान सरकार के साथ संपर्क साधकर आगे की कानूनी कागजी कार्रवाई में जुट गए हैं.

    फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट का लिया सहारा, यूएई से भागने की थी फिराक 
    जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जब से भारत सरकार ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) प्रशासन के साथ सौरभ चंद्राकर और उसके साथी रवि उप्पल के प्रत्यर्पण को लेकर द्विपक्षीय बातचीत तेज की थी, तभी से चंद्राकर  यूएई से  भागने के रास्ते तलाश रहा था. कानूनी शिकंजे से बचने के लिए उसने धोखाधड़ी का सहारा लेते हुए इंडोनेशिया का एक फर्जी पासपोर्ट तैयार करवाया. इसी फर्जी पहचान पत्र के दम पर उसने ओमान में एंट्री की थी, लेकिन वह वहां की स्थानीय खुफिया पुलिस की नजरों से बच नहीं सका.

    क्या है महादेव ऑनलाइन सट्टा घोटाला और अब आगे क्या होगा?

    महादेव ऑनलाइन गेमिंग और  सट्टा ऐप का यह पूरा मामला करीब 6000 हजार करोड़ रुपए से अधिक के बड़े वित्तीय घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग  से जुड़ा हुआ है. छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला सौरभ चंद्राकर कभी जूस की दुकान चलाता था, लेकिन देखते ही देखते उसने अपने साथी  रवि उप्पल के साथ मिलकर दुबई से एक अंतरराष्ट्रीय सट्टा साम्राज्य खड़ा कर लिया. इस ऐप के जरिए देश के लाखों युवाओं को सट्टे की लत लगाकर ठगा गया और काली कमाई को हवाला के जरिए विदेश में रूट किया गया. इस मामले में बॉलीवुड की कई बड़ी हस्तियों, रसूखदार राजनेताओं और शीर्ष पुलिस अधिकारियों के नाम भी सामने आ चुके हैं.

    सौरभ चंद्राकर की ओमान में हुई इस गिरफ्तारी को भारतीय कानून व्यवस्था के लिए एक बहुत बड़ी कूटनीतिक  और कानूनी जीत माना जा रहा है. अब भारतीय जांच एजेंसियां ओमान की अदालत और वहां की सरकार के समक्ष चंद्राकर के भारत में किए गए अपराधों के पुख्ता सबूत पेश करेंगी. इसके बाद कानूनी औपचारिकताएं पूरी होते ही सौरभ चंद्राकर को विशेष विमान के जरिए  प्रत्यर्पित कर भारत लाया जाएगा, जहां ईडी और छत्तीसगढ़ पुलिस की विशेष टीम उससे इस पूरे सट्टा सिंडिकेट के राजनीति और प्रशासनिक गठजोड़ को लेकर गहन पूछताछ करेगी.