• 'रघुपति राघव राजा राम' गाकर मंत्रालयीन कर्मचारियों ने किया विरोध प्रदर्शन

    बस हादसे पर मंत्रालयीन कर्मचारियों ने एक घंटे काम बंदकर विरोध प्रदर्शन किया और पुरानी व जर्जर बसों को तत्काल हटाने की मांग की।

    रायपुर, 24 सितंबर 2026। कर्मचारियों को घर ले जाने के लिए तैयार बस स्टार्ट करने के कुछ मिनटों में आग के लपटों से घिर गई। बुधवार की शाम हुई घटना में कर्मचारी समय रहते बस से नीचे उतर गए। जिससे वे बाल-बाल बच गए, वरना बड़ी अनहोनी हो सकती थी। इसके पीछे शार्ट सर्किट को वजह बताया जा रहा है। वहीं कंडम वाहनों को उन्हें लाने- ले जाने के लिए लगाया गया हैं। बुधवार की घटना के विरोध में कर्मचारियों ने आज सुबह 10 बजे मंत्रालय खुलते ही गेट नंबर 4 पर प्रदर्शन किया। 10 बजे कोई कर्मचारी मंत्रालय प्रवेश नहीं किया। गांधी जी के प्रिय भजन 'रघुपति राघव राजा राम' गाकर अपना विरोध जताया। वे एक घंटे तक गेट नंबर 4 के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते रहे। 

    इस दौरान कर्मचारियों ने बताया कि मंत्रालय की अधिकांश से बसें कंडम हो चुकी है। 14 साल पुरानी बसों से हमें ढ़ोया जाता है। बस के अंदर बैठकर हमें छाता ओढ़ना पड़ता है। खस्ताहाल बसों में बैैैठकर हम सफर करने को मजबूर हैं। मंत्रालयीन कर्मचारियों की बस में आग लगने की घटना ने परिवहन व्यवस्था की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुरानी और खराब बसों में कर्मचारियों को रोजाना सफर कराना किसी बड़े हादसे का इंतजार करने जैसा है। सुरक्षा कोई विकल्प नहीं, जिम्मेदारी है। सभी जर्जर बसों को तत्काल हटाकर सुरक्षित बसों की व्यवस्था की जाए। आज जान बच गई है—कल केवल किस्मत के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता।

    मंत्रालय कर्मचारियों को लाने-ले जाने के लिए संचालित अधिकांश बसें जर्जर हो चुकी हैं। वर्ष 2012 में श्रीदुर्गा मां ट्रांसपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड को 98 बसों के संचालन का ठेका दिया था। टेंडर 10 साल के लिए था, जो 2022 में खत्म हो गया। इसके बाद निगम ने एग्रीमेंट बढ़ा दिया। एजेंसी की ज्यादातर बसें अब 15 साल की अवधि पूरी करने के करीब हैं। पांच बसें पहले ही ऑफरोड हो चुकी हैं। अभी 83 बसें संचालित हो रही हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने अक्टूबर में बसों की व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया है। बताया जा रहा है कि अक्टूबर में उक्त बस सर्विस प्रोवाइडर कंपनी का ठेका समाप्त हो रहा है।