• हाई कोर्ट से बीजेपी सरकार को झटका, दिल्ली दंगा पीड़ितों को मुआवजा के देने होंगे 21 करोड़

    दिल्ली हाई कोर्ट से मौजूदा दिल्ली सरकार को बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने साल 2020 में हुए दिल्ली दंगा पीड़ितों को मुआवजा में  21 करोड़ रुपए देने के अपने पुराने आदेश को पलटने से इनकार कर दिया है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह विशेष रिपोर्ट:-
    नई दिल्ली, 9 जुलाई 2026. दिल्ली की भाजपा सरकार को दिल्ली हाई कोर्ट से  बड़ा झटका लगा है. हाई कोर्ट ने  2020 नॉर्थ ईस्ट दिल्ली  दंगा पीड़ितों को मुआवजा देने के अपने आदेश को वापस लेने से साफ इनकार कर दिया है. सोमवार, 6 जुलाई को हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने दंगा पीड़ितों को 21 करोड़ रुपए मुआवजा देने का 27 फरवरी 2025 का आदेश बरकरार रखा. उस वक्त आम आदमी पार्टी (आप ) की सरकार ने इस पर एतराज नहीं जताया था, लेकिन मौजूदा बीजेपी सरकार ने इसे कोर्ट में  चुनौती दी  थी.

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 6 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट के  चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की डिवीजन बेंच ने उक्त आदेश वापस लेने से इनकार कर दिया है. जस्टिस तेजस  कारिया की डिवीजन बेंच ने कहा कि फिलहाल उसके पहले दिए गए आदेश में दखल देने की जरूरत नहीं है. कोर्ट ने दिल्ली सरकार को जनवरी 2025 के आदेश को चुनौती देने के लिए अलग से अर्जी दाखिल करने की छूट दी है.

    21 करोड़ की सिफारिश
    दिल्ली दंगा पीड़ितों के नुकसान की भरपाई के लिए 'नॉर्थ ईस्ट दिल्ली  रायट्स क्लेम्स कमीशन (एनईडीआरसीसी ) बनाया गया था और उसने दंगा पीड़ितों को करीब 21.71 करोड़ रुपए देने की सिफारिश की थी. 2020 में ही आप सरकार ने यह सिफारिश  स्वीकार ली थी. सरकार ने मुआवजा लेने का फार्म भी जारी कर दिया था.

    हाई कोर्ट से दिल्ली सरकार ने क्या पूछा?

    दिल्ली सरकार ने हाई कोर्ट में  दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट के 2009 के एक फैसले के मुताबिक, दंगों या हिंसा से हुए नुकसान की भरपाई सरकार नहीं, बल्कि हिंसा करने वाले और उसके जिम्मेदार लोगों से कराई जानी चाहिए. इस पर कोर्ट ने सरकार से ही पूछ लिया,
    " सुप्रीम कोर्ट के पहले के फैसले के मुताबिक, आपको नुकसान पहुंचाने वालों से रकम वसूलनी है. क्या आपने उनसे पैसा वसूला है? पीड़ित खुद जाकर तो उनसे पैसा नहीं मांग सकते, है ना?... आपको ऐसे लोगों से हुए नुकसान की भरपाई के लिए कोई तरीका बनाना होगा, क्या ऐसा कोई तरीका मौजूद है? "

    सरकार की तरफ से पेश  अधिवक्ता समीर वशिष्ठ ने जवाब दिया कि दंगों के आरोपियों के खिलाफ मुकदमे अभी  चल रहे हैं. जब अदालत ने पूछा कि क्या दोषियों से पैसा वसूलने का  कोई सिस्टम बनाया गया है, तो सरकार के वकील ने कहा, " अभी तक नहीं. " 15 जनवरी 2025 को हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने पीड़ितों की मांग पर दिल्ली सरकार को मुआवजे की रकम जारी करने का आदेश दिया था. उस समय आप की सरकार थी. उसने कोर्ट के आदेश पर कोई आपत्ति नहीं जताई. लेकिन फरवरी 2025 में भाजपा सत्ता में आ गई. दरअसल, 2020 में नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें अधिकतर मुस्लिम थे. 700 से अधिक लोग घायल भी हुए थे.